उत्तराखंड के पांच दिवसीय दौरे पर कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा, बैठकों से तैयार होगी “2027 चुनावी रणनीति”

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उत्तराखंड कांग्रेस ने आगामी चुनावी सीजन की तैयारियों को गति देते हुए प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा का गढ़वाल क्षेत्र का पांच‑दिवसीय दौरा शुरू कर दिया है। ऋषिकेश से अपने दौरे की शुरुआत करने वाली सैलजा 6 मई से 11 मई तक पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी जिलों के कार्यकर्ताओं से व्यापक बैठक कर आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा करेंगी और फीडबैक लेंगी।

इस दौरान वह केदारनाथ एवं बदरीनाथ धाम के दर्शन भी करेंगी, जिससे तीर्थ यात्रा और राजनीतिक दौरे का संयोजन सामने आ रहा है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के अनुसार, 7 मई को श्रीनगर में पौड़ी जिला कांग्रेस कमेटी, 8 मई को रुद्रप्रयाग जिला कांग्रेस कमेटी, 9 मई को चमोली और 11 मई को टिहरी जिला कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन में प्रभारी मुख्य रूप से चुनावी तैयारियों, गुटबाजी कम करने और जन‑मुद्दों पर फोकस करने की राह पर चर्चा करेंगी।

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बैठकों में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत जैसे बड़े नेता भी मौजूद रहेंगे, जिससे पार्टी की एकजुटता और “मिशन 2027” को मजबूती देने का संदेश जारी किया जाएगा

गढ़वाल क्षेत्र में पांच‑दिवसीय जनसंपर्क दौरा

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा गढ़वाल क्षेत्र के चार जिलों-पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी-का दौरा करेंगी, जहां जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं की बैठकें आयोजित होंगी। इन बैठकों का उद्देश्य पार्टी संगठन को मजबूत करना, नई रणनीति बनाना और स्थानीय स्तर पर चुनावी माहौल का आकलन लेना है। ऋषिकेश से शुरू होने वाला यह दौरा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में संचालित हो रहा है, जिससे केंद्र से राज्य स्तर तक की रणनीतिक लाइन दिखाने की कोशिश की जा रही है।

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बद्री-केदार दर्शन के साथ राजनीतिक दृष्टिकोण

सैलजा केदारनाथ व बदरीनाथ धाम के दर्शन करने भी जाएंगी, जो उत्तराखंड के धार्मिक व राजनीतिक दोनों संदर्भों में महत्वपूर्ण हैं। आध्यात्मिक यात्रा के इस रूप को कांग्रेस जनधारा से जुड़ाव बढ़ाने और तीर्थयात्रियों तक अपनी मौजूदगी दिखाने के लिए इस्तेमाल कर रही है, खासकर विधानसभा चुनाव 2027 के लिहाज से। धाम दर्शन के बाद रात्रि विश्राम भी बदरीनाथ व श्रीनगर में रहेगा, जिससे स्थानीय नेताओं और जन‑प्रतिनिधियों के साथ अनौपचारिक वार्ता का भी मौका मिलेगा।

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चुनावी रणनीति के फीडबैक से एकजुटता का संदेश

कार्यकर्ता बैठकों में आगामी चुनावी योजना, उम्मीदवारों की संभावित रणनीति, जन‑मुद्दों पर राज्य सरकार की आलोचना और विकल्प‑आधारित विकास नीतियों पर विस्तृत चर्चा होगी। प्रभारी गुट‑विवाद कम करने और पार्टी को एकजुट करने पर जोर देंगी, ताकि 2027 के चुनाव में कांग्रेस भाजपा के “मिशन 2027” का असरदार चुनावी विकल्प बन सके। इस दौरे को उत्तराखंड कांग्रेस की संगठनात्मक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों का एक बड़ा चरण माना जा रहा है, जिसमें उनके साथ पूर्व सीएम हरीश रावत व अन्य बड़े नेताओं की उपस्थिति से दिग्गज गुटों के बीच तालमेल दिखाने की कोशिश की जा रही है।

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