चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में शनिवार, 5 सितंबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में किसानों, स्वास्थ्य क्षेत्र और युवाओं के लिए कई बड़े फैसले लिए गए। मंत्रिमंडल ने आगामी खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के दौरान धान की सुगम खरीद और ढुलाई के लिए तीन महत्वपूर्ण खाद्यान्न नीतियों को मंजूरी दी। इसके साथ ही प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करते हुए 257 पदों के सृजन, पुनरुद्धार और सीधी भर्ती को हरी झंडी दिखाई गई।
धान की खरीद और उठान को पारदर्शी बनाने के लिए कैबिनेट ने ‘पंजाब कस्टम मिलिंग नीति 2026-27’, ‘पंजाब खाद्यान्न परिवहन नीति 2027’ और ‘पंजाब खाद्यान्न श्रम एवं ढुलाई नीति 2027’ को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि राज्य सरकार खरीफ सीजन में किसानों की फसल का एक-एक दाना उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी प्रशासनिक जरूरत के हिसाब से मुख्यमंत्री को नीतियों में संशोधन करने का अधिकार भी दिया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने चामकौर साहिब के उप-मंडल अस्पताल में 33 पदों को पुनर्जीवित करने की मंजूरी दी। इस अस्पताल को सीएचसी से अपग्रेड किया गया है, जहां अब मेडिकल ऑफिसर नर्सिंग सिस्टर, स्टाफ नर्स, ओटीए, ड्राइवर और क्लर्क तैनात होंगे।
इसके अलावा, मालेरकोटला सिविल सर्जन कार्यालय के लिए 19 नए पद और धूरी के उप-मंडल अस्पताल व एमसीएच केंद्र के लिए 119 नए पद सृजित किए गए हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से खाली पड़े मेडिकल ऑफिसर के 80 रिक्त पदों को भी तुरंत भरने का फैसला लिया गया है।
प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए मंत्रिमंडल ने ‘पंजाब लोक सेवा आयोग (समूह ‘ए’) सेवा विनियम, 2012′ में संशोधन को मंजूरी दे दी। इस संशोधन से पीपीएससी में पर्सनल असिस्टेंट से पर्सनल सेक्रेटरी के पद पर पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया है।
कैबिनेट फैसलों के साथ ही मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एसएएस नगर में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 50 शिक्षकों को राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया। इनमें 21 प्राथमिक, 29 माध्यमिक, 10 युवा शिक्षक, 4 विशेष शिक्षक और 6 प्रशासनिक श्रेणी के शिक्षक शामिल हैं।
समारोह को संबोधित करते हुए सीएम मान ने कहा कि 2021 में प्राथमिक शिक्षा के मामले में पंजाब देश में 27वें स्थान पर था, जो मान सरकार के सुधारों के चलते अब पहले स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों के 234 प्रिंसिपलों को सिंगापुर, 152 हेडमास्टरों को आईआईएम अहमदाबाद और 144 प्राथमिक शिक्षकों को फिनलैंड में अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिलाया जा चुका है।
पंजाब के शिक्षा मॉडल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ₹88.67 करोड़ की लागत से 118 ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ बनाए गए हैं और 16,348 स्कूलों में वाई-फाई सुविधा दी गई है। उन्होंने कहा कि बिजनेस ब्लास्टर्स योजना के तहत 1.83 लाख छात्रों को ₹10.32 करोड़ की सीड मनी दी गई है ताकि युवा नौकरियां मांगने वाले नहीं बल्कि नौकरियां देने वाले बनें। राज्य के सरकारी स्कूलों के 881 छात्रों ने पहली बार JEE और NEET जैसी कठिन परीक्षाएं पास की हैं।

