उत्तराखंड में बड़े प्रोजेक्ट्स पर मुख्य सचिव का बड़ा फैसला,गड़बड़ी रोकने के लिए लागू हुए नए नियम!

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देहरादून। उत्तराखंड में बुनियादी विकास योजनाओं में पारदर्शिता लाने और लेटलतीफी को पूरी तरह खत्म करने के लिए धामी सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने आज सचिवालय में नियोजन विभाग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में ‘पीएम गतिशक्ति उपयोग मामलों का संग्रह 2.0’ का विमोचन किया और विभागीय डेटा संग्रहण के लिए एक अत्याधुनिक मोबाइल एप्लीकेशन का आधिकारिक शुभारंभ किया. दो दिवसीय कार्यशाला के दौरान लिए गए इस फैसले का सीधा असर राज्य की 10 करोड़ से ऊपर की सभी बड़ी विकास परियोजनाओं पर पड़ेगा।

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बड़ी परियोजनाओं के लिए नया नियम

मुख्य सचिव ने राज्य में विकास कार्यों को गति देने के लिए कुछ कड़े नियम तय किए हैं। जिसमें अब राज्य में 10 करोड़ रुपये से ऊपर की लागत वाले सभी प्रोजेक्ट्स में साइट सिलेक्शन कमेटी के लिए पीएम गतिशक्ति पोर्टल की जियोस्पेशियल तकनीक से मैपिंग करना अनिवार्य होगा। सभी नई स्वीकृत योजनाओं को इस पोर्टल पर तुरंत अपलोड करना होगा, जिससे एक ही काम को दो बार दिखाने के खेल पर रोक लगेगी।व्यय वित्त समिति की बैठकों में इस डिजिटल प्लेटफार्म का उपयोग किया जाएगा ताकि योजनाओं का पहले ही सटीक आंकलन हो सके।

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मुख्य सचिव के अनुसार, जियोस्पेशियल तकनीक के जरिए किसी भी स्थान की सटीक भौगोलिक जानकारी को एकत्र और विश्लेषित किया जाता है. उत्तराखंड जैसे कठिन पर्वतीय राज्य के लिए यह तकनीक एक वरदान साबित होगी।

विकास कार्य का क्षेत्रतकनीक से होने वाला सीधा फायदा
सड़क, पानी और बिजली लाइनसटीक जियो-लोकेशन से सही अलाइनमेंट तय होगा.
रेलवे, डैम और भवन निर्माणइंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में होने वाली देरी थमेगी.
अंतर-विभागीय तालमेलडेटा इंटीग्रेशन से विभिन्न विभागों के मध्य सामंजस्य आसान होगा.

राष्ट्रीय एजेंसी BISAG-N ने तैयार किया ऐप

इस पूरे डिजिटल सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय एजेंसी ‘भास्कराचार्य नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस एप्लीकेशंस एंड जियोइन्फॉर्मेटिक्स’ (BISAG-N) ने यह विशेष मोबाइल एप्लीकेशन तैयार किया है. मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि इस एप्लीकेशन को राज्य के प्रगति पोर्टल से एकीकृत किया जाए।

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तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए सभी विभागों को अपने यहां ‘मास्टर रिसोर्स पर्सन’ चिन्हित करने को कहा गया है. साथ ही सभी संबंधित विभागीय कर्मचारियों को BISAG-N के पास जाकर इस तकनीक का विशेष प्रशिक्षण लेने के निर्देश दिए गए हैं। इस उच्च स्तरीय शुभारंभ समारोह के दौरान प्रमुख सचिव श्री एल. फैन्नई, श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. एस.एन. पाण्डेय, श्री श्रीधर बाबू अद्धांकी सहित विभिन्न विभागों के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

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