देहरादून। उत्तराखंड के देहरादून जनपद अंतर्गत सहसपुर क्षेत्र के बहुचर्चित बैरागीवाला हत्याकांड में दून पुलिस को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। SSP देहरादून के कुशल नेतृत्व में काम कर रही पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने आज यानी 2 जुलाई 2026 को मामले के मुख्य आरोपी अमन को उसके दो अन्य साथियों के साथ हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस की अलग-अलग टीमें इस हत्याकांड के फरार आरोपियों की तलाश में लगातार गैर प्रांतों में दबिश दे रही थीं, जिसके परिणाम स्वरूप इन तीनों की गिरफ्तारी हरियाणा के यमुनानगर हाईवे पर स्थित एक होटल से की गई है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद प्रकरण में गिरफ्तार होने वाले कुल अभियुक्तों की संख्या अब 9 तक पहुंच गई है, जिससे पूरे क्षेत्र के अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है।
प्रेस नोट से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह पूरा खूनी खेल बीते महीने 13 जून 2026 की शाम को सहसपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बैरागीवाला में खेला गया था। गांव के एक खेत में पानी चलाने को लेकर दो पक्षों के बीच अचानक विवाद उत्पन्न हो गया था।
देखते ही देखते एक पक्ष की तरफ से आए रज्जाक, अमन, यूनूस, जावेद, इम्तियाज, शहबाज, शराफत अली, मासूम, आदिल, शमून, सलमान, इंतजार और उनके साथ आए करीब 30 से 40 अन्य अज्ञात लोगों ने दूसरे पक्ष पर लाठी-डंडों और हथियारों से हमला बोल दिया था।
इस हिंसक हमले में दूसरे पक्ष के तीन सगे भाइयों अशोक कुमार, विनोद कुमार और राजेश कुमार को गंभीर चोटें आई थीं। घटना के तुरंत बाद लहूलुहान हालत में ग्रामीणों द्वारा तीनों घायलों को तत्काल उपचार के लिए लेहमन अस्पताल ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद गंभीर रूप से घायल विनोद कुमार की दर्दनाक मौत हो गई थी, जिसके बाद यह पूरा मामला मर्डर केस में तब्दील हो गया।
पुलिसिया पड़ताल में यह तथ्य सामने आया कि इन दोनों पक्षों के बीच खेत में पानी छोड़ने को लेकर पिछले दो-तीन दिनों से लगातार कहासुनी चल रही थी और उनके मध्य पुराना विवाद भी था। घटना के बाद मृतक के भाई अशोक कुमार ने सहसपुर कोतवाली में लिखित तहरीर दी, जिसके आधार पर नामजद और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 134/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं 103, 109, 191(2) और 3(5) के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।
मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए SSP देहरादून ने तत्काल आरोपियों की धरपकड़ के लिए अलग-अलग विशेष पुलिस टीमों का गठन किया था। इन टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शुरुआती चरण में ही घटना में शामिल 6 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया था। जेल भेजे गए इन आरोपियों में रज्जाक (28 वर्ष), सलमान (24 वर्ष), जावेद (22 वर्ष), शहबाज (27 वर्ष), इम्तियाज (58 वर्ष) और इंतजार (32 वर्ष) शामिल थे।
शुरुआती गिरफ्तारियों के बाद भी मुख्य आरोपी अमन और उसके कुछ अन्य साथी लगातार फरार चल रहे थे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए स्थानीय पुलिस और एसओजी (SOG) की टीमें संभावित ठिकानों पर सुरागरसी-पतारसी कर रही थीं। आज पुलिस टीम को सटीक सूचना मिली कि आरोपी हरियाणा में छिपे हुए हैं, जिसके बाद यमुनानगर हाईवे के एक होटल पर घेराबंदी कर मुख्य अभियुक्त अमन (24 वर्ष) पुत्र मासूम, सावेज (21 वर्ष) पुत्र अल्लारक्खा और आजम पुत्र युनूस को दबोच लिया गया।
तीनों ही ग्राम बैरागीवाला, कोतवाली सहसपुर के मूल निवासी हैं। वहीं, इस पूरे ऑपरेशन में बैकबोन साबित हुई SOG देहात की टीम का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक खुशीराम पाण्डे ने किया, जिसमें उनके साथ उ0नि0 विनोद राणा, कांस्टेबल मनोज कुमार और कांस्टेबल जितेन्द्र कुमार ने मुख्य भूमिका निभाई।

