उत्तराखंड सरकार उद्यानिकी को लेकर बेहद संजीदा है। सरकार चाहती है कि राज्य उद्यानिकी के क्षेत्र में नाम और दाम कमाए। इसके लिए लगातार कोशिशें जारी हैं।सरकार ने अत्याधुनिक सेब नर्सरी विकास योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना से राज्य में उच्च घनत्व वाली सेब नर्सरियों का विकास किया जाएगा। इस योजना से बागवानो की आमदनी तो बढ़ेगी ही सेब का उत्पादन भी बढ़ेगा।
इस योजना के तहत 10 एकड़ तक आधुनिक नर्सरी के बागवानो और नर्सरी कारोबारियों को उनकी कुल लागत पर पचास फीसदी तक का अनुदान दिया जाएगा। आपको बता दें कि उच्च घनत्व वाले सेब के पौधों को अभी तक यूरोपियन मुल्कों से उत्तराखंड में आयात किया जाता था। जिसके चलते बागवानो को इस नस्ल का बाग लगाना काफी महंगा पड़ता था।
लेकिन इस योजना के लागू होने के चलते अब आने वाले वक्त में यूरोपियन नस्ल के सेब के पौधे उत्तराखंड में भी आसानी से मुहैय्या हो जाएंगे। अत्याधुनिक सेब नर्सरी विकास योजना के तहत अब स्थानीय स्तर पर ही क्लोनल रुटस्टॉक पर तैयार वायरस मुक्त पौधे तैयार किए जाएंगे। इस विधि से तैयार पौधे तीन चार साल में ही फल देने लगेगें। आपको बता दें कि सरकार ऩे साल 2031 तक उत्तराखंड में 400 एकड़ की हाई-डेंसिटी वाली सेब नर्सरी तैयार करने का लक्ष्य रखा है।

