उत्तराखंड में मानसून से पहले दुरुस्त होंगी क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनें, मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश

ख़बर शेयर करें

उत्तराखंड में आगामी मानसून सीजन के दौरान आम जनता को पानी की किल्लत से बचाने के लिए सरकार और जल संस्थान ने युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक डीके सिंह ने राज्य के सभी अधिशासी अभियंताओं को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि मानसून की दस्तक से पहले हर हाल में सभी क्षतिग्रस्त और प्रभावित पेयजल लाइनों को दुरुस्त किया जाए।

इसके तहत वर्ष 2025 की आपदा में क्षतिग्रस्त हुई पाइपलाइनों को ठीक करने के लिए जिलाधिकारियों से तुरंत बजट की मांग करने और जरूरत पड़ने पर सीधे मुख्यालय को प्रस्ताव भेजने को कहा गया है ताकि धन की कमी से काम न रुके। इस पूरी योजना का मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान जनता को निरंतर स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना, जल जनित बीमारियों को रोकने के लिए पानी का नियमित क्लोरिनेशन करना, भारी बारिश या आपदा की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में पानी के टैंकरों का एडवांस प्लान तैयार रखना और आपातकालीन मरम्मत के लिए पाइप व स्पेयर पार्ट्स का पहले से बफर स्टॉक बनाकर रखना है ताकि किसी भी खराबी को कम से कम समय में ठीक किया जा सके।

यह भी पढ़ें -  गदरपुर विधायक अरविंद पांडे से मिलने उनके आवास पहुंचे सांसद अनिल बलूनी, सियासी हलचल तेज

चारधाम मार्ग से हटेंगे अवैध अतिक्रमण

चारधाम यात्रा मार्ग को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए केदारनाथ व बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थाई और अस्थाई अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग खंड द्वारा सौंपी गई अनुपालन रिपोर्ट के अनुसार, राजमार्ग की सीमा में आने वाले कुल 247 नए अतिक्रमणों को चिन्हित कर उन्हें हटाने के नोटिस जारी कर दिए गए हैं, जिन्हें आगामी मानसून सीजन शुरू होने से पहले हर हाल में साफ कर दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें -  देहरादून में युवक के मुंह पर कालिख मलने वालों पर दर्ज होगा मुकदमा, एसपी सिटी ने दिए निर्देश

एनएच के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 107 और 107ए के तहत यह अभियान तेजी से चलाया जा रहा है; जहां एक तरफ एनएच 107 पर चिन्हित कुल 344 अतिक्रमणों में से 107 को हटाया जा चुका है और 237 पर कार्रवाई शेष है, वहीं दूसरी तरफ एनएच 107ए पर चिन्हित 14 में से 4 अतिक्रमण ध्वस्त किए जा चुके हैं तथा बाकी बचे 10 स्थानों को भी जल्द अतिक्रमण मुक्त करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।