देहरादून के प्रतिष्ठित दून अस्पताल से एक बेहद ही हैरान और शर्मसार करने देने वाला मामला सामने आया है, जहां इलाज के लिए आई एक महिला मरीज के साथ अस्पताल के ही एक कर्मचारी ने जबरदस्ती करने का प्रयास किया। पीड़ित महिला अस्पताल के यौन संचारित संक्रमण (STI) विभाग में अपने इलाज के फॉलोअप के लिए आई थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थानीय निवासी एक महिला मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे दून अस्पताल पहुंची, जहां से महिला का इलाज चल रहा है। महिला 14 दिन पहले ही महिला एवं प्रसूति रोग विभाग की चिकित्सकों से परामर्श और दवाएं लेकर गई थी, क्योंकि जांच में महिला के निजी अंग में संक्रमण की बात सामने आई थी। वहीं जब महिला मंगलवार को फॉलोअप के लिए दून अस्पताल के एसटीआई काउंसलर के पास दवाई लेने के लिए पहुंची तो उसने कहा कि निजी अंग में संक्रमण की जांच करनी पड़ेगी।
पीड़िता ने बताया कि इस दौरान बिजली भी चली गई थी, जिसके बाद आरोपी काउंसलर ने उसे कपड़े उतारने के लिए कहा। महिला का आरोप है कि आरोपी कर्मचारी ने पहले बिना ग्लव्स पहने काफी देर तक छेड़खानी की। इसके बाद सही से जांचने के लिए उसने महिला को दूसरी जगह चलने के लिए कहा। आरोप है कि वह महिला को बेसमेंट में ले गया, जहां चारों तरफ अंधेरा था और वह क्षेत्र प्लाई से ढका हुआ था।
इसके बाद जब आरोपी काउंसलर ने महिला को कपड़े उतारने के लिए कहा, तो महिला को अपने साथ अनहोनी का अहसास हो गया और उसने सूझबूझ दिखाते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया, जिससे डरकर आरोपी वहां से भाग निकला, इस दौरान महिला ने अपने पति को भी मौके पर बुला लिया। वहीं अस्पताल में शोर सुनकर लोग इकट्ठा हो गए और पीड़िता की शिकायत के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी कर्मचारी को तुरंत हिरासत में ले लिया।
इस गंभीर घटना के सामने आने के बाद दून अस्पताल प्रशासन तुरंत हरकत में आया और प्रारंभिक कदम उठाते हुए आरोपी कर्मचारी को सेवा से हटा दिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी पूरी जांच अब पुलिस की महिला सेल को सौंप दी गई है।
दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट सामने आते ही दोषी कर्मचारी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, ताकि भविष्य में अस्पताल परिसर के भीतर मरीजों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा के साथ ऐसा खिलवाड़ दोबारा न हो सके।

