बीते शुक्रवार यानि 1 मई को बाबा केदार के दर्शन को उद्योगपति गौतम अडाणी आए थे। उनके दर्शन के बाद केदारधाम में वीआईपी कल्चर को लेकर तीर्थपुरोहितों में नाराजगी बढ़ गई। कुछ हंगामा हुआ। लेकिन मामले की नजाकत को भांपते हुए बीकेटीसी ने फ्रंट फुट पर आकार सब कुछ संभाल लिया।
आज देहरादून में मीडिया के सवाल दागने पर बीकेटीसी के अध्यक्ष हेंमत द्विवेदी ने पूरा आंखो देखा हाल मीडिया को सुनाया। द्विवेदी ने कहा तीर्थयात्रियों की बढ़ती तादाद को देखते हुए मंदिर समिति ने इस साल पहले ही वीआईपी सिस्टम को बंद कर दिया था। इसके लिए बाकायदा तीर्थ पुरोहितों के साथ बैठक की गई थी और सर्वसम्मति से फैसला लिया गया था।
बीकेटीसी के चेयरमैन हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मंदिर समिति ने न तो सीएम साहब को विशेष पूजा अर्चना करवाई थी और न गौतम अड़ानी को किसी भी वीआईपी को विशेष पूजा की इजाजत नहीं दी गई है।
द्विवेदी ने कहा जो केदारधाम में बीते शुक्रवार को तीर्थपुरोहितों ने नारजागी जताई थी उसकी वजह मंदिर समिति नहीं बल्कि मंदिर परिसर तैनात पुलिस जवान की गलतफहमी थी। बाकि कुछ नहीं अब सब कुछ सामान्य है । आम हो या खास सभी को दर्शन कराए जा रहे हैं बिना किसी भेदभाव के क्योकि बाबा केदार सबके हैं

