उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम विज्ञान केंद्र की भविष्यवाणी सटीक साबित होती नजर आई। दरअसल, बीते बुधवार को मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि का पूर्वानुमान जारी किया था जो कि आज गुरुवार को सटीक साबित हुआ। गुरुवार को प्रदेश के मौसम ने अपनी करवट बदल ली है, पहाड़ों से लेकर मैदानों तक आसमान में बादलों छाए हुए हैं और कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है।
वहीं, मसूरी में तेज बारिश और जमकर ओलावृष्टि के कारण अचानक मौसम बदल गया है और तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है, जिससे अप्रैल के आखिर में ही यहां दिसंबर‑जनवरी जैसी ठंड महसूस होने लगी है। दोपहर करीब दो बजे हुई बारिश‑ओलावृष्टि से पहाड़ियां सफेद ओलों से ढक गईं और लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। देहरादून में भी दिन में घनघोर काली घटाएं छाईं और तेज बारिश से मौसम में ठंडक बढ़ गई।
इन जिलों में ओलावृष्टि और बारिश का साया
मौसम विभाग के निदेशक सी.एस. तोमर के मुताबिक, विशेष रूप से देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है। इन जनपदों के अधिकतर इलाकों में न केवल तेज बारिश हो सकती है, बल्कि ओलावृष्टि की भी प्रबल संभावना जताई गई है। देहरादून में भी दिन में घनघोर काली घटाएं छाईं और तेज बारिश से मौसम में ठंडक बढ़ गई। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में बारिश, ओलावृष्टि और 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है, जिससे बदरीनाथ, नई टिहरी और पौड़ी जैसे इलाकों में भी मौसम और तेजी से बदलने की संभावना है।

