MDDA Board Meeting: दून-मसूरी में 25 विकास प्रस्ताव मंजूर, पर्यटन को मिलेगी रफ्तार

ख़बर शेयर करें

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण की 114वीं बोर्ड बैठक में राजधानी देहरादून और पर्यटन नगरी मसूरी के नियोजित विकास को लेकर 25 बड़े प्रस्तावों पर मुहर लग गई है। गढ़वाल आयुक्त एवं एमडीडीए अध्यक्ष आनन्द स्वरूप की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में लैण्ड पूलिंग, पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर, होटल और व्यावसायिक निर्माण से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।

बैठक में विकासनगर के कल्याणपुर में एमडीडीए द्वारा लैण्ड पूलिंग योजना के तहत खरीदी गई जमीन के प्रथम चरण का भू-उपयोग निःशुल्क परिवर्तित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई। इस निर्णय से क्षेत्र में व्यवस्थित रिहायशी और व्यावसायिक गतिविधियों के रास्ते साफ होंगे।

यह भी पढ़ें -  Uttarakhand SIR : CEO पुरुषोत्तम की बड़ी राहत, BLO घर पर ही करेंगे सत्यापन

पर्यटन को नई ऊंचाई देने के लिए बोर्ड ने होटल, होमस्टे, रेस्टोरेंट, हॉस्टल, आश्रम और रिटेल आउटलेट्स के निर्माण संबंधी आवेदनों पर विस्तार से समीक्षा की। पारदर्शी प्रक्रिया के तहत इन सभी प्रस्तावों को नियमानुसार आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे क्षेत्र में निजी निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

यह भी पढ़ें -  Uttarakhand: PMAY-U की समीक्षा, 30 सितंबर 2026 तक सभी आवास पूरे करने के निर्देश

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि बोर्ड के ये निर्णय तेजी से फैलते शहरी क्षेत्र में आधुनिक और सुव्यवस्थित सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में बड़े कदम हैं। प्राधिकरण का पूरा फोकस निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और उन्हें तय समयसीमा के भीतर धरातल पर उतारने पर है।

प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने स्पष्ट किया कि स्वीकृत सभी 25 परियोजनाओं की प्रशासनिक व तकनीकी प्रक्रियाओं को बिना किसी देरी के पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास कार्य पूरी तरह निर्धारित मानकों के अनुरूप होंगे ताकि आम जनता को इनका सीधा लाभ मिल सके।

यह भी पढ़ें -  Dehradun: सरकारी अस्पतालों में जनऔषधि योजना पस्त, फिर भी डॉक्टर लिख रहे महंगी दवाएं...

बैठक में मुख्य रूप से एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, सचिव मोहन सिंह बर्निया, संयुक्त सचिव वित्त विजय कुमार, अपर जिलाधिकारी एफआर कृष्ण कुमार मिश्र, उप नगर आयुक्त तनवीर सिंह, मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक एस.एम. श्रीवास्तव और पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता सौरभ शर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad