देहरादून। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी वार-पलटवार तेज हो गया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के ‘चुनावी सैर-सपाटे’ वाले बयान पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने तीखा हमला बोला है। खरगे ने एक्स पर साफ कहा कि वे राज्य में किसी पर्यटन के लिए नहीं, बल्कि अपने लोगों, युवाओं और कांग्रेस संगठन को मजबूत करने आए हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए कहा कि उन्होंने पूरी दुनिया और देश का दौरा किया है, इसलिए उन्हें उत्तराखंड में टूरिज्म की जरूरत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे प्रदेश की जनता, छात्रों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और बीजेपी को सत्ता से बाहर करने के संकल्प के साथ यहां पहुंचे हैं।
राजनीतिक मर्यादा पर बात करते हुए खरगे ने कहा कि कांग्रेस हमेशा विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करती रही है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन वरिष्ठ नेताओं का सम्मान होना चाहिए।
संगठन की मजबूती को लेकर रुद्रपुर में करीब चार घंटे चली बैठक में खरगे ने जिलावार स्थिति और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की सक्रियता का फीडबैक लिया। उन्होंने नेताओं को नसीहत दी कि सिर्फ बैठकों तक सीमित रहने से संगठन मजबूत नहीं होगा। कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाकर बेरोजगारी, पेपर लीक, ओपीएस और भ्रष्टाचार जैसे स्थानीय मुद्दे उठाने होंगे।
खरगे ने जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने और हर विधानसभा क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क अभियान चलाने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी नेताओं को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होने का आह्वान किया। बैठक के बाद खरगे पंतनगर एयरपोर्ट से विशेष विमान से दिल्ली लौट गए।
इस महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रभारी कुमारी शैलजा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व अध्यक्ष करन माहरा, हरक सिंह रावत, विधायक काजी निज़ामुद्दीन और जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा मौजूद रहे। खरगे के इस दौरे के बाद राज्य में कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।

