ऋषिकेश के योगनगरी रेलवे स्टेशन के पास खांड गांव में सोमवार रात करीब 9:30 बजे एक बड़ा ट्रेन हादसा होने से बाल-बाल बच गया, जब उज्जैनी एक्सप्रेस का खाली रैक अचानक पटरी से उतर गया। गनीमत यह रही कि ट्रेन मरम्मत के लिए जा रही थी और पूरी तरह खाली थी, जिससे एक बहुत बड़ी त्रासदी होने से टल गई।
इस हादसे में ट्रेन का इंजन और तीन बोगियां पटरी से उतरकर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं। रेलवे प्रशासन के शुरुआती बयान के मुताबिक, ट्रेन को मेंटेनेंस के लिए खड़ा किया जा रहा था, तभी अचानक उसके ब्रेक में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण यह अनियंत्रित होकर एक पिलर से जा टकराई।
हादसे से जुड़े कुछ अहम पहलू
इस पूरी घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर और रेलवे की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जहां एक तरफ वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक महेश यादव का कहना है कि प्रारंभिक जांच में ब्रेक की तकनीकी दिक्कत सामने आई है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है, वहीं स्थानीय लोगों का दावा कुछ और ही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के समय ट्रेन खड़ी नहीं थी बल्कि बोगियों समेत तेजी से आगे की ओर बढ़ रही थी, जिसने इस पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया है।
इसके अलावा लोको पायलट की स्थिति को लेकर भी अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ पाई है। रेलवे विभाग की गंभीरता पर भी उंगलियां उठ रही हैं क्योंकि इतनी बड़ी दुर्घटना होने के करीब ढाई घंटे बाद तक भी कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था। घटना के बाद वहां भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिसे नियंत्रित करने और ट्रैक से हटाने के लिए जीआरपी के जवानों को काफी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। फिलहाल रेलवे प्रशासन द्वारा इस मामले की गहन जांच की बात कही जा रही है।

