बारिश की बूंदों के साथ व्हाट्सऐप पर छुट्टी की ‘बौछार’, फर्जी आदेशों से अभिभावक परेशान…

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देहरादून। राजधानी देहरादून में बरसात का मौसम शुरू होते ही अभिभावकों की नजरें आसमान के साथ-साथ मोबाइल फोन पर भी टिक जाती हैं। बारिश तेज हुई नहीं कि व्हाट्सऐप ग्रुपों में स्कूलों की छुट्टी को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो जाता है। देखते ही देखते फर्जी आदेश, पुराने पत्र और तरह-तरह के संदेश सोशल मीडिया पर वायरल होने लगते हैं। स्थिति ऐसी बन जाती है मानो स्कूलों की छुट्टी कोई बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा हो। इन दिनों सोशल मीडिया ग्रुपों में छुट्टी को लेकर होने वाली चर्चाएं खासा दिलचस्प माहौल पैदा कर रही हैं। देर रात तक अभिभावक इस उम्मीद में मैसेज का इंतजार करते दिखाई देते हैं कि शायद जिलाधिकारी की ओर से अगले दिन स्कूल बंद रखने का आदेश जारी हो जाए। कोई कहता है कि आदेश आने वाला है तो कोई किसी ग्रुप में वायरल हो रहे पत्र को असली बताकर आगे बढ़ा देता है। इसके बाद शुरू होती है पत्र की सत्यता को लेकर बहस। मध्य रात्रि तक चलने वाली यह चर्चा सुबह स्कूल खुलने के समय तक जारी रहती है। अभिभावकों की नजर मोबाइल स्क्रीन पर लगी रहती है कि कहीं सुबह-सुबह छुट्टी का आदेश न आ जाए। कई बार बच्चे स्कूल जाने की तैयारी में होते हैं और परिवार के लोग अंतिम समय तक छुट्टी की उम्मीद लगाए बैठे रहते हैं।
इसी बीच जिलाधिकारी कार्यालय के नाम से फर्जी आदेश सोशल मीडिया पर प्रसारित होने का मामला भी सामने आया है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जिलाधिकारी द्वारा ऐसा कोई छुट्टी का पत्र जारी नहीं किया गया है। बावजूद इसके फर्जी आदेशों को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाओं का सिलसिला थमता नजर नहीं आता। बरसात में मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन द्वारा स्कूलों के संबंध में निर्णय लिया जाता है, लेकिन फर्जी आदेशों और अफवाहों के कारण अभिभावकों में अनावश्यक भ्रम पैदा होता है। जरूरत इस बात की है कि किसी भी आदेश को आगे बढ़ाने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि की जाए। वरना छुट्टी की उम्मीद में शुरू हुई व्हाट्सऐप की चर्चा कब ‘अफवाह एक्सप्रेस’ बन जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।

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