देहरादून: उत्तराखंड के प्रशासनिक और संवैधानिक इतिहास में सोमवार को एक नया कीर्तिमान स्थापित हो गया है। सूबे के वर्तमान राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) उत्तराखंड में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राज्यपाल बन गए हैं। उन्होंने पूर्व राज्यपाल सुदर्शन अग्रवाल के 1,755 दिनों के कार्यकाल के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए 1,756 दिनों की सेवा का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है।
उत्तराखंड के राजभवन में सोमवार को दर्ज हुई यह उपलब्धि राज्य की प्रशासनिक निरंतरता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने 15 सितंबर 2021 को उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में अपना कार्यभार संभाला था। तब से लेकर आज तक वे लगातार प्रदेश के संवैधानिक प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
इस नए रिकॉर्ड के बनते ही उत्तराखंड के राज्यपालों की सूची में बड़ा उलटफेर हो गया है। पूर्व राज्यपाल सुदर्शन अग्रवाल ने जहां 1,755 दिनों तक इस पद की जिम्मेदारी संभाली थी, वहीं अब लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह इस कार्यकाल को पार कर शीर्ष पर पहुंच गए हैं।
राजभवन के सूत्रों के मुताबिक, कार्यभार संभालने के बाद से ही लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने उत्तराखंड को विकास और प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प जताया है। वे खुद को केवल एक प्रशासनिक प्रमुख नहीं बल्कि उत्तराखंड की जनता का एक सच्चा मार्गदर्शक मानते हैं।
सैनिक बाहुल्य राज्य होने के कारण उत्तराखंड की जनता के साथ उनका जुड़ाव बेहद गहरा और आत्मीय रहा है। सैन्य पृष्ठभूमि से आने की वजह से राज्यपाल गुरमीत सिंह विशेष रूप से सैनिकों, पूर्व सैनिकों और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के परिवारों के कल्याण के लिए लगातार सक्रिय रहते हैं।
इनका जन्म 1 फरवरी 1956 को पंजाब के अमृतसर जिले के जलाल उस्मान गांव में हुआ था। उनके परिवार में देशभक्ति और देशसेवा का एक लंबा गौरवशाली इतिहास रहा है। उनके पिता मोहिंद्र सिंह और उनके बड़े भाई भी भारतीय सेना तथा वायुसेना के माध्यम से देश की सेवा कर चुके हैं, जिससे उन्हें देशभक्ति के संस्कार विरासत में मिले।
लगभग 40 वर्षों के अपने शानदार सैन्य करियर के दौरान उन्होंने भारतीय सेना में डिप्टी आर्मी चीफ जैसे कई प्रतिष्ठित और रणनीतिक पदों पर अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दी हैं। इस दौरान उन्होंने चीन और पाकिस्तान के साथ होने वाली कई महत्वपूर्ण सीमा वार्ताओं में भारत का मजबूती से पक्ष रखा।
इसके अलावा उन्होंने जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी अभियानों का भी सफल नेतृत्व किया। उनकी इस असाधारण राष्ट्रसेवा के लिए उन्हें चार राष्ट्रपति पुरस्कारों- परम विशिष्ट सेवा मेडल, उत्तम युद्ध सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।
राजभवन के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, उत्तराखंड में अब तक रहे राज्यपालों का कार्यकाल इस प्रकार दर्ज है:
| राज्यपाल का नाम | कुल कार्यकाल (दिन) |
| सुरजीत सिंह बरनाला | 790 दिन |
| सुदर्शन अग्रवाल | 1,755 दिन |
| बीएल जोशी | 647 दिन |
| मार्गरेट अल्वा | 1,013 दिन |
| डॉ. अजीज कुरैशी | 968 दिन |
| डॉ. केके पॉल | 1,326 दिन |
| बेबी रानी मौर्य | 1,110 दिन |
| लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह | 1,756 दिन (कार्यकाल निरंतर जारी) |
सोमवार को राजभवन में अपने सेवाकाल का 1,756वां दिन पूरा करते ही लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने उत्तराखंड के सबसे लंबे कार्यकाल वाले राज्यपाल के रूप में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया है। प्रशासनिक हलकों में इसे उत्तराखंड के लिए एक स्थिर और मजबूत नेतृत्व का प्रतीक माना जा रहा है।

