गुजरात। गांधीनगर में गुजरात आतंकवाद-रोधी दस्ते ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पांच और संदिग्ध आतंकियों को राज्य के अलग-अलग जिलों से गिरफ्तार किया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से कोर्ट ने इन सभी को आठ दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश जारी कर दिया है।
गुजरात एटीएस की इस बड़ी धरपकड़ का सीधा असर राज्य में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने और सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने पर पड़ेगा। पकड़े गए इन संदिग्ध आतंकियों की पहचान बिलाल आबिद शेरा, मोहम्मद अयूब कादीवाल, मोहम्मद शफी मुखी, मोहम्मद हसन कराड़िया और मोहम्मद अयूब सुनासरा के रूप में स्पष्ट तौर पर हुई है।
इस पूरे नेटवर्क के खुलासे को लेकर गुजरात एटीएस के एसपी के. सिद्धार्थ सिंगल ने विस्तृत आधिकारिक जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि इससे ठीक 10 दिन पहले देश के विभिन्न राज्यों से जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आठ अन्य संदिग्धों को भी सुरक्षाबलों द्वारा सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया गया था।
एजेंसी द्वारा पहले गिरफ्तार किए गए उन आठ संदिग्धों से लगातार 14 दिनों तक न्यूज़ रूम और कस्टडी में सघन पूछताछ की गई थी। उस पूछताछ के दौरान मिली बेहद अहम और खुफिया जानकारियों के आधार पर ही एटीएस की टीम ने रणनीति बनाकर इन पांच नए आरोपियों को दबोचने में सफलता पाई है।
एटीएस के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, पकड़े गए ये पांचों आरोपी पिछले दो-तीन साल में आतंकी मसूद अजहर के भड़काऊ भाषण सुनकर कट्टरपंथी बने थे। कट्टरपंथ की राह पर चलने के बाद इन आरोपियों ने स्थानीय बाजारों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का सहारा लेकर खतरनाक कच्ची सामग्रियां जुटानी शुरू कर दी थीं।
आरोपियों ने बम और विस्फोटक तैयार करने के मकसद से स्थानीय बाजारों से पोटेशियम नाइट्रेट, सल्फर, कोयला, तार और डेटोनेटर जैसी सामग्रियां एकत्र की थीं। इन सामग्रियों को जुटाने के बाद उन्होंने घातक विस्फोटक बनाने के लिए करीब आठ अलग-अलग प्रयोग भी किए थे।
सुरक्षा एजेंसी की जांच में यह बेहद चौंकाने वाली बात सामने आई है कि विस्फोटक बनाने के उनके कुल आठ प्रयासों में से दो प्रयासों में उन्हें सफलता भी मिल गई थी। इससे पहले 3 जुलाई को गुजरात और मध्य प्रदेश के विभिन्न इलाकों से जैश-ए-मोहम्मद के आठ अन्य आरोपियों को कानून के शिकंजे में लिया गया था।
एटीएस की जांच के अनुसार, पहले पकड़े गए वे सभी आठ आरोपी गुजरात राज्य के भीतर एक बड़ा और खतरनाक आतंकी नेटवर्क तैयार करने की साजिश में जुटे थे। इन सभी आठ आतंकियों के खिलाफ देश की सुरक्षा से जुड़ी सख्त धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई के तहत इन आठों आतंकियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम अर्थात यूएपीएफ और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की तफ्तीश की जा रही है।

