देहरादून में कार्यक्रम से ज्यादा ‘सोशल मीडिया की जंग’ की चर्चा! आखिर किसके लिए बुक हुए 150 से ज्यादा होटल के कमरे….?

ख़बर शेयर करें

देहरादून। राजधानी देहरादून में बीते रोज हुए दो बड़े आयोजनों ने सिर्फ मैदानों में ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त मुकाबले की तस्वीर पेश की। एक तरफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी का छात्र संवाद कार्यक्रम था तो दूसरी ओर पंजाबी गायिका जैस्मिन सैंडल्स का लाइव शो। दोनों आयोजनों के बाद अब शहर में एक नई चर्चा ने जोर पकड़ लिया है—आखिर सोशल मीडिया पर माहौल बनाने के लिए किसने कितनी तैयारी की? राजनीतिक गलियारों से लेकर होटल कारोबारियों और सोशल मीडिया से जुड़े लोगों के बीच एक ही सवाल तैर रहा है कि आखिर राजधानी के अलग-अलग होटलों में 150 से अधिक कमरे किस उद्देश्य से बुक कराए गए थे। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली से बड़ी संख्या में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को बुलाने की चर्चा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि किसी भी पक्ष ने नहीं की है।

यह भी पढ़ें -  Dehradun: MDDA ने दो अवैध निर्माण सील किए, नियम तोड़ने वालों को दी सख्त चेतावनी

चर्चा यह भी है कि इन इन्फ्लुएंसर्स के ठहरने, खाने-पीने और अन्य व्यवस्थाओं का पूरा इंतजाम पहले से किया गया था। अब सवाल यह उठ रहा है कि यह तैयारी राहुल गांधी के कार्यक्रम को सोशल मीडिया पर व्यापक प्रचार दिलाने के लिए थी या फिर जैस्मिन सैंडल्स के म्यूजिक शो को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड कराने के लिए? इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और कयास लगाए जा रहे हैं।आज के दौर में किसी भी बड़े आयोजन की सफलता सिर्फ मैदान में जुटी भीड़ से नहीं, बल्कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर उसकी मौजूदगी से भी आंकी जाती है। ऐसे में इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग अब बड़े आयोजनों का अहम हिस्सा बन चुकी है। यही वजह है कि देहरादून में भी सोशल मीडिया की यह रणनीति चर्चा का विषय बनी हुई है। सूत्रों का दावा है कि एक वरिष्ठ राजनीतिक कार्यकर्ता की ओर से होटल बुकिंग की व्यवस्था कराई गई। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इन कमरों का इस्तेमाल किस आयोजन से जुड़े लोगों ने किया। न तो कांग्रेस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने आया है और न ही जैस्मिन सैंडल्स के कार्यक्रम के आयोजकों ने इस तरह की किसी व्यवस्था की पुष्टि की है। उधर, दोनों आयोजनों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल होते रहे। समर्थक अपने-अपने कार्यक्रम को सबसे सफल बताते रहे, जबकि विरोधी पक्ष भीड़ और आयोजन को लेकर सवाल उठाते रहे। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाइक, व्यू, रील और पोस्ट की होड़ ने यह साफ कर दिया कि अब लड़ाई सिर्फ मंचों पर नहीं, बल्कि मोबाइल स्क्रीन पर भी लड़ी जा रही है। फिलहाल राजधानी में सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि आखिर 150 से ज्यादा होटल के कमरों की बुकिंग किसके लिए थी? जब तक इस पर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आती, तब तक यह मामला चर्चाओं और अटकलों का हिस्सा बना रहेगा। इतना जरूर है कि देहरादून के इस आयोजन ने यह दिखा दिया कि अब किसी भी बड़े कार्यक्रम की असली परीक्षा केवल मैदान में नहीं, बल्कि सोशल मीडिया की दुनिया में भी होती है।

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें -  बद्रीनाथ चंदा चोरी: जांच जारी, फिर भी निशाने पर सिर्फ अध्यक्ष ? आखिर किसकी आंख में खटक रहे हेमंत द्विवेदी....
Ad Ad Ad