देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माणों के खिलाफ शुक्रवार को सख्त कार्रवाई करते हुए जीएमएस रोड और कण्डोगल क्षेत्र में दो निर्माणों को सील कर दिया। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने स्वीकृत मानचित्र के विपरीत चल रहे बहुमंजिला निर्माण और बिना अनुमति के व्यवसायिक निर्माण पर शिकंजा कसा। इस कार्रवाई से नियम तोड़ने वालों को साफ संदेश गया है कि एमडीडीए अब ढिलाई नहीं बरतेगा।
एमडीडीए की टीम ने जीएमएस रोड स्थित व्योमप्रस्थ कॉलोनी में संगीता गोयल और प्रवीन कुमार गर्ग के बहुमंजिला निर्माण का स्थलीय निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि निर्माण स्वीकृत मानचित्र से पूरी तरह हटकर किया जा रहा था। नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होते ही टीम ने मौके पर निर्माण को सील कर दिया।
अधिकारियों का कहना है कि ऐसे निर्माण न सिर्फ विकास नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि आसपास के क्षेत्र की नियोजन व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को भी प्रभावित कर सकते हैं।
इसी अभियान के तहत धारकोट रोड, कण्डोगल थानों क्षेत्र में उमेद अली द्वारा बिना किसी मानचित्र स्वीकृति के चल रहे व्यवसायिक निर्माण को भी सील कर दिया गया। संबंधित व्यक्ति को भविष्य में सख्ती से नियमों का पालन करने की चेतावनी दी गई।
एमडीडीए का कहना है कि तेज शहरी विकास के बीच अनधिकृत निर्माण और अवैध प्लॉटिंग पर उसकी नजर सख्त है। प्रवर्तन टीम नियमित निरीक्षण कर रही है और शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। बिना स्वीकृति के किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्राधिकरण ने आम नागरिकों और निवेशकों से अपील की है कि कोई भी भूखंड खरीदने या निर्माण शुरू करने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति जरूर जांच लें। बिना अनुमति वाली परियोजनाओं में निवेश भविष्य में गंभीर आर्थिक और कानूनी मुसीबत खड़ी कर सकता है।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने साफ कहा, “प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण बिल्कुल स्वीकार नहीं किए जाएंगे। नियोजित, सुरक्षित और टिकाऊ शहरी विकास हमारी प्राथमिकता है।”
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्रवर्तन टीम लगातार क्षेत्रों का दौरा कर रही है। बिना स्वीकृति के कोई भी निर्माण या भूमि विकास कार्य पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई होगी।
यह कार्रवाई एमडीडीए के व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत देहरादून और मसूरी क्षेत्र को अनधिकृत निर्माणों से मुक्त करने का प्रयास किया जा रहा है। प्राधिकरण का संकल्प है कि शहर का विकास नियमों के दायरे में रहे और नागरिकों को सुव्यवस्थित सुविधाएं मिल सकें।

