गैरसैंण। गैरसैंण में आयोजित उत्तराखंड विधानसभा का सत्र अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो गया है। सत्र की समाप्ति के बाद अपने-अपने क्षेत्रों में लौट रहे सत्तापक्ष के विधायकों और मंत्रियों ने सदन के भीतर हुए हंगामे को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस पर चौतरफा हमला बोला। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस बिना किसी ठोस एजेंडे के केवल हंगामा करने की नीयत से आई थी, जिससे जनसरोकार के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी।
विकासनगर से भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार पर आरोप लगाना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन आरोप ठोस आधार और विशिष्ट घटनाओं पर होने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल ‘भ्रष्टाचार’ बोल देने से भ्रष्टाचार सिद्ध नहीं होता। चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पहले से ही तय करके आई थी कि सदन और प्रश्नकाल को चलने नहीं देना है। यदि उन्हें समय कम लग रहा था, तो वे सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग कर सकते थे।
राज्य के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने भी सदन में हुए हंगामे पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष विकास के मुद्दों और सवालों के जवाब सुनने से भाग रहा है। सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तैयारी के साथ आई थी, लेकिन विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं था। उन्होंने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में विपक्ष भी शामिल होता है, ऐसे में उन्हें सदन की मर्यादा बनाए रखते हुए सवाल पूछने चाहिए थे।
वहीं, पहली बार के भाजपा विधायक दुर्गेश्वर लाल ने सरकार के पांच साल पूरे होने के बीच आयोजित इस अंतिम सत्र में कांग्रेस के रवैये को बेहद गैर-जिम्मेदाराना करार दिया। उन्होंने कहा कि सदन के भीतर विपक्ष का यह आचरण प्रदेश की जनता ने भली-भांति देखा है।
दूसरी ओर, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने राज्य में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड शुरू से ही महिलाओं के लिए एक सुरक्षित राज्य रहा है। अपने व्यक्तिगत अनुभवों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वे स्वयं देर रात कोटद्वार में टहलने से लेकर देश-विदेश की यात्राएं करती हैं, और अन्य स्थानों से तुलना करने पर उत्तराखंड महिलाओं के लिहाज से पूरी तरह सुरक्षित है।

