भू-कानून पर पूर्व CM हरीश रावत का बड़ा बयान, बाहरी लोगों के जमीन खरीदने पर लगे पूर्ण प्रतिबंध

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उत्तराखंड में भू-कानून को लेकर चल रही बहस के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण बयान दिया है। देहरादून में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने साफ तौर पर कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों को छोड़कर किसी भी अन्य व्यावसायिक या निजी कार्य के लिए बाहरी व्यक्तियों को जमीन खरीदने की इजाजत बिल्कुल नहीं होनी चाहिए।

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हरीश रावत ने चिंता जताते हुए कहा कि पूर्व में भूमि की खरीद-फरोख्त पर से नियंत्रण हटाए जाने के कारण आज बड़े पैमाने पर उत्तराखंड की जमीनें धड़ल्ले से बिक रही हैं, लेकिन इन्हें वास्तव में कौन खरीद रहा है, इसके बारे में किसी को कोई पुख्ता जानकारी नहीं है।

उन्होंने अतीत का हवाला देते हुए याद दिलाया कि राज्य की पहली निर्वाचित सरकार ने यहां की जमीनों की खरीद-फरोख्त को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए थे, और उसके बाद आई दूसरी सरकार ने इस व्यवस्था को और अधिक मजबूत तथा सख्त किया था, लेकिन बाद में भूमि खरीद से ये सारे प्रतिबंध कब और कैसे हटा दिए गए, इसे पूरे उत्तराखंड ने देखा है।

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पूर्व मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यदि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश की आवश्यकता है, तो वह केवल शिक्षा, चिकित्सा, कृषि और बागवानी के क्षेत्र में ही होना चाहिए। इसके अलावा यदि भूमि का उपयोग किसी अन्य उद्देश्य के लिए किया जा रहा है, तो इस दिशा में राज्य सरकार को तुरंत एक सख्त और प्रभावी कानून बनाने की पहल करनी चाहिए, क्योंकि राज्य के भीतर उपयोगी भूमि का एक बहुत बड़ा हिस्सा पहले ही बाहरी लोगों के हाथों बिक चुका है।

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