उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की बैठक में ₹514 करोड़ का बजट पास, कई बड़े प्रस्तावों पर लगी मुहर

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देहरादून में स्थित पर्यटन विकास परिषद मुख्यालय में 24वीं उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) बोर्ड की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए 514 करोड़ रुपये का शानदार बजट सर्वसम्मति से पारित किया गया है।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मुख्य रूप से कौशल विकास, पर्यटन विकास, मानव संसाधन को मजबूत करने, साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने, निवेश प्रोत्साहन और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े कई नीतिगत प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लगाई गई।

इस दौरान बीते वर्षों में चलाई गई विभिन्न विकास योजनाओं और कार्यों की गहन समीक्षा भी की गई, साथ ही विभाग को और अधिक गतिशील बनाने के लिए रिक्त पदों को आउटसोर्स और संविदा के माध्यम से जल्द भरने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली में और अधिक पारदर्शिता व सुधार लाने के उद्देश्य से पर्यटन मुख्यालय तथा जिला स्तर पर विशेष आईटी लेखा प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करने का फैसला लिया गया है।

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उत्तराखंड को वैश्विक स्तर पर एक प्रीमियम टूरिज्म हब बनाने के लिए इस बैठक में कई बड़े और ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे त्रियुगीनारायण, कैंची धाम और कार्तिकेय स्वामी मंदिर के सर्वांगीण विकास के लिए एक समेकित डेस्टिनेशन प्लान का प्रस्ताव रखा गया है।

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इसके साथ ही, वर्ष 2026-27 के लिए एडवेंचर स्पोर्ट्स का एक विशेष वार्षिक कैलेंडर तैयार किया गया है, जिसमें विंटर कार्निवल, हाई एल्टीट्यूड माउंटेनियरिंग, ट्रैक ऑफ द ईयर, अल्ट्रा मैराथन रन और रिवर राफ्टिंग जैसे रोमांचक साहसिक खेलों को शामिल किया गया है।

स्थानीय निवासियों और युवाओं के रोजगार को प्राथमिकता देते हुए होमस्टे, ट्रैकिंग, नेचर गाइड, राफ्टिंग और स्कीइंग जैसी विधाओं में पर्यटन विभाग द्वारा निशुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि एक दक्ष मानव संसाधन तैयार किया जा सके। इसके अलावा राज्य में एक अत्याधुनिक ट्रैकिंग और रिसर्च सेंटर की स्थापना तथा पर्यटन निवेश में स्थानीय लोगों की भागीदारी को अनिवार्य करने जैसे दूरगामी फैसले लिए गए हैं।

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पर्यटन मंत्री ने गर्व से कहा कि आज उत्तराखंड पूरी दुनिया के लिए एक पसंदीदा डेस्टिनेशन बन चुका है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण हालिया चारधाम यात्रा और सोमवती अमावस्या पर उमड़ा श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड जनसैलाब है; और इन नए फैसलों से आने वाले समय में राज्य के पर्यटन विकास को एक नई और अभूतपूर्व ऊंचाई मिलना बिल्कुल तय है।

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