देहरादून/ऋषिकेश: उत्तराखंड आबकारी विभाग में वैसे तो हर जनपद में बड़ी फौज तैनात है, लेकिन जब बात कार्रवाई और रिजल्ट की आती है तो इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा आबकारी निरीक्षक प्रेरणा बिष्ट की हो रही है। शराब तस्करों के खिलाफ लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही प्रेरणा बिष्ट अब तस्करों के लिए “काल” साबित होती नजर आ रही हैं। एक के बाद एक हो रही बड़ी कार्रवाइयों से जहां वैध कारोबार करने वाले व्यापारियों के चेहरे खिले हुए हैं, वहीं सरकार के राजस्व में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
इसी क्रम में देर रात आबकारी टीम ऋषिकेश और जनपदीय प्रवर्तन दल देहरादून ने रायवाला क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम को सूचना मिली थी कि एक चार पहिया वाहन में भारी मात्रा में कच्ची शराब ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही टीम सक्रिय हुई और वाहन का पीछा शुरू किया गया। काफी देर तक पीछा करने के बाद टीम ने सत्यनारायण मंदिर के समीप वाहन को दोनों तरफ से घेरकर पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान वाहन से लगभग 240 लीटर कच्ची शराब बरामद की गई। शराब आठ कट्टों में भरी हुई थी और प्रत्येक कट्टे में करीब 30 पाउच रखे गए थे। बताया गया कि प्रत्येक पाउच में लगभग एक लीटर कच्ची शराब भरी हुई थी। मौके से तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि यह अवैध शराब काशीपुर के मुकुंदपुर क्षेत्र में तैयार की गई थी और इसे ऋषिकेश के मनसा देवी क्षेत्र में बिक्री के लिए लाया जा रहा था।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक व्यक्ति काशीपुर का निवासी बताया जा रहा है, जबकि दो आरोपी मनसा देवी क्षेत्र के रहने वाले हैं। आबकारी टीम ने तस्करी में प्रयुक्त वाहन को भी मौके पर सीज कर दिया। साथ ही तीनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 60/72 के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पूरी कार्रवाई का नेतृत्व आबकारी निरीक्षक प्रेरणा बिष्ट ने किया। टीम में उप आबकारी निरीक्षक पान सिंह राणा, उमराव राठौर, आशीष प्रकाश, हेड कांस्टेबल अर्जुन सिंह, दीपा, गोविंद, राकेश, हेमंत, कांस्टेबल आशीष चौहान और सोनम शामिल रहे।
लगातार हो रही कार्रवाई से साफ है कि आबकारी विभाग अब अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ पूरी तरह आक्रामक मोड में है। खासतौर पर ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में जिस तरह से कार्रवाई की जा रही है, उससे शराब तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह अभियान चलता रहा तो अवैध शराब के कारोबार पर बड़ी चोट पड़ सकती है।

