आगामी जनगणना के लिए तैयार किए गए फॉर्म में परिवार की गणना को लेकर कुछ बहुत ही अलग और चौंकाने वाले नियम बनाए गए हैं। इस बार किसी परिवार में कितने ‘दंपत्ति’ या ‘जोड़े’ हैं, इसका निर्धारण पत्नी की संख्या के आधार पर किया जाएगा। नियम के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति की दो पत्नियां हैं, तो उसे ‘डबल फैमिली’ यानी दो दंपत्ति माना जाएगा, जबकि इसके विपरीत यदि एक महिला के दो पति हैं, तो उसे ‘सिंगल फैमिली’ यानी एक ही दंपत्ति की श्रेणी में रखा जाएगा। इसके अलावा, यदि चार दोस्त एक साथ एक ही कमरे में रहते हैं, तो उन्हें भी एक परिवार का सदस्य माना जाएगा और वे आपस में किसी को भी अपना मुखिया चुन सकते हैं।
मुखिया का चयन और आवास से जुड़े विशेष नियम
नए नियमों में परिवार के मुखिया को लेकर काफी लचीलापन दिया गया है। अब यह जरूरी नहीं है कि परिवार का सबसे बुजुर्ग व्यक्ति ही मुखिया हो; परिवार के सदस्य आपसी सहमति से किसी को भी, चाहे वह महिला हो या बहू, मुखिया चुन सकते हैं और उनका नाम फॉर्म में भरा जा सकता है। एक और दिलचस्प बात यह है कि यदि आपके घर में काम करने वाला नौकर आपके साथ ही आपकी रसोई से भोजन करता है, तो उसे भी आपके परिवार का ही सदस्य माना जाएगा। साथ ही, आवास की गणना के लिए भी कड़े मानक तय किए गए हैं, जिसके तहत दुकान, बरामदे या गैलरी में सोने वाले लोगों को ‘घर’ की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा, क्योंकि जनगणना के उद्देश्यों के लिए सोने के लिए एक व्यवस्थित कमरा होना अनिवार्य माना गया है।

