देहरादून। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत वोटर आईडी बनवाने और उसमें सुधार करने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब से नया वोट बनवाने, नाम कटवाने या पते में किसी भी तरह के संशोधन के लिए आवेदकों को मूल फॉर्म के साथ एक विशेष घोषणा पत्र भी भरना अनिवार्य होगा. सहायक निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास के मुताबिक, आम जनता को अपना वोटर कार्ड अपडेट करने का यह मौका आगामी 14 जुलाई से 13 अगस्त तक मिलेगा।
अभी तक मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6, नाम कटवाने के लिए फॉर्म-7 और पता या नाम बदलवाने के लिए फॉर्म-8 भरना पड़ता था। चुनाव आयोग के नए आदेश के मुताबिक अब ये सभी आवेदन इस विशेष अभियान का हिस्सा माने जाएंगे, यानी अगर आप 14 जुलाई से 13 अगस्त के बीच फॉर्म-6 या फॉर्म-8 भरते हैं, तो आपको साथ में आयोग का नया घोषणा पत्र भी जमा करना होगा।
नए घोषणा पत्र में क्या-क्या जानकारियां देनी होंगी?
चुनाव आयोग द्वारा जारी किया गया नया घोषणा पत्र पूरी तरह से ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों पर उपलब्ध करा दिया गया है. इसमें मतदाताओं को व्यक्तिगत विवरण यानी आवेदक का नाम, चालू मोबाइल नंबर और वर्तमान पता लिखना होगा।
ठीक इस प्रकार, पुरानी वोटर लिस्ट का ब्यौरा पाने के लिए मतदाता को वर्ष 2003 की मतदाता सूची के आधार पर अपना पुराना नाम, वोटर एपिक नंबर, जिला, राज्य और विधानसभा क्षेत्र की जानकारी देनी होगी। वहीं अगर यदि पिछले रिकॉर्ड की जानकारी नहीं है, तो अपने संबंधी (माता/पिता या अन्य) की पूरी जानकारी और उनके वोटर आईडी नंबर दर्ज करने होंगे।
BLO करेंगे जांच, गलती मिलने पर आएगा नोटिस
इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए बूथ लेवल ऑफिसर इस घोषणा पत्र की बारीकी से जांच करेंगे, जिसके बाद ही फॉर्म-6 या फॉर्म-8 को आगे बढ़ाया जाएगा. यदि किसी मतदाता द्वारा दी गई जानकारी में कोई गड़बड़ी या विसंगति पाई जाती है, तो चुनाव आयोग उन्हें सीधे नोटिस जारी करेगा. नोटिस मिलने पर संबंधित अधिकारी के सामने पेश होकर स्पष्टीकरण देना होगा, और जवाब से संतुष्ट होने पर ही फॉर्म स्वीकार किया जाएगा।
कौन से फॉर्म का कब करें इस्तेमाल?
जिन युवाओं की उम्र 1 जुलाई 2018 को 18 वर्ष पूरी हो रही है, या जिनका नाम मौजूदा वोटर लिस्ट में नहीं है, वे फॉर्म-6 भर सकते हैं। एक विधानसभा या राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसफर होने पर, या वोटर आईडी में अपनी फोटो और नाम सुधरवाने के लिए फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जाएगा। चुनाव आयोग का यह नया नियम फर्जी मतदान रोकने और मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध बनाने के उद्देश्य से लागू किया गया है, जिसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।

