अल्मोड़ा में आफत की बारिश: भूस्खलन से 14 राज्य मार्ग बंद, द्वाराहाट रोड पर 5 घंटे थमा रहा चक्का

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अल्मोड़ा। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है। गुरुवार सुबह तक हुई मूसलाधार वर्षा और पहाड़ी भूस्खलन के चलते जिले के 14 राज्य मार्ग और 4 ग्रामीण सड़कें बंद हो गई हैं। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें जेसीबी मशीनों के साथ बंद रास्तों को खोलने में जुटी हैं।

इस बीच, मलबा आने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-109 (NH-109) पहले से ही बंद चल रहा है। मौसम विभाग ने जिले में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है, जिससे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा और बढ़ गया है।

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जिले में सबसे ज्यादा बारिश रानीखेत और उसके आसपास के इलाकों में दर्ज की गई है। इसी क्रम में रानीखेत में 92.3 मिमी, शीतखेत में 91 मिमी, सल्ट में 89 मिमी, चौखुटिया व भिकियासैंण में 81.5 मिमी, जैती में 80 मिमी, द्वाराहाट में 71 मिमी और अल्मोड़ा नगर में 63 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

भारी बारिश के बाद कोसी और रामगंगा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि दोनों नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे हैं। कोसी बैराज पर जलस्तर फिलहाल स्थिर बना हुआ है।

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द्वाराहाट-चौखुटिया मार्ग पर गिरा विशाल पेड़

गुरुवार तड़के करीब 5 बजे द्वाराहाट-चौखुटिया मोटर मार्ग पर एक भारी-भरकम पेड़ गिर गया। इससे सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। घटना की खबर मिलते ही रानीखेत फायर स्टेशन की टीम तुरंत रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची।

लीडिंग फायरमैन चन्दन सिंह, चालक दयाधर ध्यानी और फायरमैन दिनेश सिंह की टीम ने वुडन कटर (कटर मशीन) की मदद से पेड़ को छोटे टुकड़ों में काटा। करीब 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सड़क से मलबा और पेड़ हटाकर हाईवे को दोबारा चालू किया जा सका।

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अल्मोड़ा जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने खराब मौसम को देखते हुए स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने अपील की है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, पहाड़ी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में यात्रा करने से बचें। नदियों के किनारे जाने वाले लोग और संवेदनशील रास्तों पर सफर करने वाले मुसाफिर विशेष सतर्कता बरतें।

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