सूबे की धामी सरकार अब सरकारी अस्पतालों में तैनात लैब टेक्नीशियनो पर भी मेहरबान हुई है। दरअसल अब लैब टैक्निशियन चीफ टैक्निकल ऑफिसर के पद से रिटार्यर्ड हो सकते हैं। जबकि धामी सरकार की पहल से पहले आलम ये था कि अस्पताल में लैब टैक्नीशियन तैनात होने वाला मुलाजिम 25- तीस साल की नौकरी के बाद भी लैब टैक्निशियन ही रिटायर्ड होता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि धामी कैबिनेट ने सरकारी अस्पतालों में तैनात लैब टैक्निशियन के पदों को आईपीएचएस मानकों के तहत पुनर्गठित करने की मंजूरी दे दी है।
इस फैसले के बाद अब लैब टेक्निशियनो को भी प्रमोशन का मौका मिलेगा। गौरतलब है कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में लैब टैक्निशियन के 345 पद है लेकिन प्रमोशन के चांस नहीं थे। लेकिन अब लैब टैक्निशियन के पदों को तीन कैटेगिरी में बांटा जाएगा । जिसमे 266 पद मेडिकल लैब टैक्नोलॉजिस्ट, 54 पद टैक्निकल ऑफिसर और 25 पद चीफ टैक्निकल अफसरों के होंगे।
तय है कि धामी सरकार के इस फैसले के बाद सरकारी अस्पताल के लैब टैक्निशियन को अपनी पोस्ट से इस बात का मालाल नहीं रहेगा कि उनके पद के आगे चीफ या पीछे अफसर नही लगता। धामी सरकार ने लैब टैक्निशियनो को भी अफसर बनने का मौका दिया है। ऐसे में सरकारी अस्पताल में तैनात लैब टैक्निशियनो ने धामी कैबिनेट का शुक्रिया अदा किया ह

