Dehradun: नंदा की चौकी पुल रोड धंसने पर लोनिवि EE 3 इंजीनियर सस्पेंड, कंसलटेंट पर भी गाज

ख़बर शेयर करें

देहरादून। प्रेमनगर स्थित नंदा की चौकी में 16 करोड़ रुपये की लागत से बने नए पुल की एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने के मामले में शासन ने बड़ा चाबुक चलाया है। लोनिवि सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडे ने शुक्रवार शाम विभागीय जांच में लापरवाही साबित होने पर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता समेत तीन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। इस सख्त प्रशासनिक कार्रवाई से निर्माण महकमे में हड़कंप मच गया है।

यह भी पढ़ें -  CM धामी ने किया 'मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना' का शुभारंभ, 11 हजार छात्रों को फ्री कोचिंग

निलंबित किए गए अधिकारियों में लोनिवि के प्रांतीय खंड देहरादून से जुड़े अधिशासी अभियंता राजेश कुमार, सहायक अभियंता अमित त्यागी और कनिष्ठ अभियंता नवीन गैरौला शामिल हैं। शुरुआती तकनीकी जांच में सामने आया कि निर्माण और पर्यवेक्षण के स्तर पर अधिकारियों ने गंभीर लापरवाही बरती, जिसके चलते पुल की सुरक्षा के साथ समझौता हुआ और एप्रोच रोड धंस गई।

जांच रिपोर्ट के अनुसार, इस हादसे का मुख्य कारण नदी के बहाव का सही प्रबंधन न होना था। प्रोजेक्ट के तहत डिजाइन कंसलटेंट को रिवर डायवर्जन वर्क करना था, लेकिन मौके पर इसे लागू ही नहीं किया गया। नदी के तेज प्रवाह से बचाव के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण सारा पानी एक ही दिशा में केंद्रित हो गया, जिसने 16 करोड़ के प्रोजेक्ट की एप्रोच रोड की नींव को बहा दिया।

यह भी पढ़ें -  Uttarakhand: कागजों में थे 452 मदरसे, बोर्ड खत्म हुआ तो केवल 33 को मिली मान्यता

कार्रवाई के तहत निलंबित तीनों इंजीनियरों को मुख्य अभियंता कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। इसके साथ ही लोनिवि सचिव ने एप्रोच रोड का डिजाइन तैयार करने वाले डिजाइन कंसलटेंट और प्रूफ चेकिंग कंसलटेंट की जवाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। शासन ने विभाग को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में इस पुल को सुरक्षित रखने के लिए तुरंत एक पुख्ता और समयबद्ध प्लान तैयार कर काम शुरू किया जाए।