चकराता वायरल ऑडियो पर धामी का ‘एक्शन मोड’! पीड़ित परिवार को CM का फोन, SSP को सख्त कार्रवाई के निर्देश….

ख़बर शेयर करें

देहरादून। उत्तराखंड की सियासत में हलचल मचाने वाले कथित वायरल ऑडियो प्रकरण पर अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीधे मोर्चा संभाल लिया है। कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह के भाई एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह और राजपाल सिंह से जुड़े इस मामले में मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार तक अपनी बात पहुंचाई है।

मुख्यमंत्री ने पीड़ित बालक राम की बेटी दीक्षा से फोन पर बातचीत कर पूरे प्रकरण की जानकारी ली और परिवार को हरसंभव सहयोग तथा सुरक्षा का भरोसा दिलाया। साथ ही एसएसपी को मामले की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

कथित वायरल ऑडियो को लेकर प्रदेश की राजनीति में पहले से ही आरोप-प्रत्यारोप का माहौल गर्म है। ऐसे में मुख्यमंत्री का सीधे पीड़ित परिवार से संवाद करना और पुलिस प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश देना इस प्रकरण को और महत्वपूर्ण बना रहा है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।

यह भी पढ़ें -  पिथौरागढ़: मुनस्यारी ब्रिज हादसे का 6 साल पुराना वीडियो वायरल फैलाई अफवाह, DM ने दिए FIR दर्ज करने के आदेश

पीड़ित परिवार से सीधे संवाद, सुरक्षा का भरोसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीक्षा से बातचीत के दौरान पूरे मामले की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी सुरक्षा और न्याय के लिए हरसंभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी नागरिक को भय के माहौल में रहने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए और राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब कथित वायरल ऑडियो को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है। मामले में पीड़ित परिवार की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच अब प्रमुख मुद्दे बन गए हैं।

यह भी पढ़ें -  कुंभ मेला 2027 और शिक्षकों के वेतन के लिए खुले सरकारी खजाने! CM धामी ने दी करोड़ों की वित्तीय मंजूरी

SSP को निर्देश, जांच में सामने आएंगे तथ्य

मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रकरण की गंभीरता से जांच करने और नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार की ओर से दिए गए इन निर्देशों के बाद पुलिस की भूमिका अहम हो गई है। जांच के दौरान कथित ऑडियो की सत्यता, उसकी पृष्ठभूमि और उससे जुड़े तथ्यों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।

हालांकि, कथित वायरल ऑडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में पूरे मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच की दिशा और पुलिस की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड में बड़ा सियासी उलटफेर: बसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नत्थूराम 167 समर्थकों के साथ बीजेपी में शामिल

धामी का संदेश—सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी व्यक्ति या परिवार को डर के साये में रहने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिया।

कथित ऑडियो प्रकरण अब केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रह गया है। मुख्यमंत्री के संज्ञान लेने और एसएसपी को निर्देश दिए जाने के बाद मामले में प्रशासनिक कार्रवाई की दिशा महत्वपूर्ण होगी। अब देखना होगा कि जांच में क्या खुलासे होते हैं।