देहरादून। देहरादून शहर की सफाई व्यवस्था और डेंगू रोकथाम में ढिलाई बरतने वाले अफसरों और निजी एजेंसियों पर अब नगर निगम सख्त कार्रवाई करने जा रहा है। नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय ने स्पष्ट किया कि काम में लापरवाही मिलने पर संबंधित अफसरों की सीधी जवाबदेही तय होगी। नगर निगम के इस कड़े रुख का असर शहर के सफाई निरीक्षकों, सुपरवाइजरों, निजी सफाई एजेंसियों और आम जनता दोनों पर पड़ेगा।
नगर आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि शहर के सभी वार्डों में तय रूट चार्ट के मुताबिक सफाई वाहन समय पर चलाए जाएं और डोर-टू-डोर कूड़ा उठान नियमित हो। उन्होंने चेतावनी दी कि व्यवस्था में खामी मिलने पर संबंधित सुपरवाइजर, सफाई निरीक्षक और मुख्य सफाई निरीक्षक के खिलाफ दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
डेंगू के खतरे को देखते हुए प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में फॉगिंग व एंटी-लार्वा के छिड़काव में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को रोजाना क्षेत्रवार रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। इसके साथ ही शहर में जलभराव वाले स्थानों को चिह्नित कर वहां तुरंत जल निकासी और सफाई कराने के आदेश जारी किए गए हैं।
शहर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए नगर निगम अब खुले में कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त चालानी कार्रवाई करेगा। बार-बार कचरा जमा होने वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा सभी दुकानों, होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर डस्टबिन रखना पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है।
नगर आयुक्त ने देहरादून में चिह्नित गारबेज वल्नरेबल प्वाइंट्स को पूरी तरह खत्म करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से सुनिश्चित करने को कहा कि जिन जगहों से कूड़ा हटाया जाए, वहां दोबारा गंदगी न फैले। इसके लिए संबंधित इलाकों में निगरानी बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं।

