देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के डालनवाला इलाके से डिजिटल जालसाजी और बड़ी ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक शातिर फॉर्मा कंपनी के डायरेक्टर दंपत्ति ने फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों के साथ मिलकर एक महिला डॉक्टर को अपना शिकार बनाया।
जालसाजों ने डॉक्टर के डिजिटल सिग्नेचर का दुरुपयोग कर उनके नाम पर 15.82 लाख रुपये का लोन निकाल लिया और उनके पिता से भी निवेश के नाम पर 40 लाख रुपये ऐंठ लिए। डालनवाला कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
तलाक के मुश्किल दौर में बुना ठगी का जाल
डालनवाला पुलिस को दी गई तहरीर में सेवक आश्रम रोड निवासी पीड़िता डॉ. मानसी वैश्य ने बताया कि साल 2019 से 2021 के बीच जब उनके तलाक की कानूनी प्रक्रिया चल रही थी, तब वह बेहद तनावपूर्ण दौर से गुजर रही थीं। इसी मानसिक स्थिति का फायदा उठाने के लिए कुठाल गेट निवासी हिमांशु शेखर और उसकी पत्नी श्रुति तिवारी ने उनसे नजदीकियां बढ़ाईं।
इस शातिर दंपत्ति ने पहले डॉ. मानसी का भरोसा जीता और फिर उन्हें अपनी कंपनी ‘एस्टिव फार्मा’ में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के पद पर शामिल होने का झांसा दिया। पीड़िता के हामी भरने के बाद आरोपियों ने कंपनी में डीआईएन नंबर जनरेट करने के बहाने डॉक्टर का डिजिटल सिग्नेचर और उसका पासवर्ड अपने कब्जे में ले लिया।
फाइनेंस कंपनी से मिलीभगत कर निकाला बिजनेस लोन
जालसाजी का यह खेल तब उजागर हुआ, जब 10 अप्रैल 2026 को पीड़िता को एक आधिकारिक पत्र मिला। इस पत्र को देखकर डॉ. मानसी के होश उड़ गए। पत्र से खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी हिमांशु शेखर ने इंडिया इन्फोलाइन फाइनेंस लिमिटेड की दिलाराम चौक स्थित शाखा के अधिकारियों और कर्मचारियों से सांठगांठ की थी।
इस मिलीभगत के बाद आरोपियों ने 27 जनवरी 2024 को डॉक्टर के डिजिटल सिग्नेचर का अवैध इस्तेमाल करते हुए उनके नाम पर ₹15.82 लाख का बिजनेस लोन पास करवा लिया और रकम डकार गए।
डॉक्टर पिता की गाढ़ी कमाई के 40 लाख भी हड़पे
ठगों ने केवल महिला डॉक्टर को ही नहीं, बल्कि उनके पिता डॉ. विपिन वैश्य को भी अपना निशाना बनाया। पीड़िता के अनुसार, 17 मार्च 2023 को आरोपी दंपत्ति ने उनके पिता से फार्मा कंपनी में भारी मुनाफे का लालच देकर निवेश करने को कहा था। पिता ने उनकी बातों में आकर 40 लाख रुपये की मोटी रकम निवेश कर दी, जिसे आरोपियों ने हड़प लिया और आज तक वापस नहीं किया।
आरोपी दंपत्ति फरार, पुलिस जांच में जुटी
डालनवाला कोतवाली के इंस्पेक्टर नरेंद्र गहलावत ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित डॉक्टर की शिकायत के आधार पर पुलिस ने सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी हिमांशु शेखर, उसकी पत्नी श्रुति तिवारी और आईआईएफएल फाइनेंस कंपनी के अज्ञात अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ जांच की जा रही है। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपी दंपत्ति फरार है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।

