देहरादून। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर सोमवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने देहरादून के सहसपुर और झाझरा क्षेत्र में मेडिकल स्टोरों पर औचक छापेमारी की। जांच में जानलेवा लापरवाही और गंभीर अनियमितताएं मिलने पर टीम ने 5 मेडिकल स्टोरों का संचालन तुरंत बंद करा दिया। इस कार्रवाई से हड़कंप मचते ही क्षेत्र के कई अन्य मेडिकल स्टोर संचालक दुकानें बंद करके फरार हो गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी के नेतृत्व में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा और विनोद जगूड़ी ने सहसपुर, सभावाला, बड़ा रामपुर, छोटा रामपुर, झाझरा और सुद्धोवाला में सघन चेकिंग अभियान चलाया। जांच के दौरान अफसरों ने मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस, फार्मासिस्ट की मौजूदगी, दवाओं का रखरखाव, एक्सपायरी दवाओं के निस्तारण और फ्रिज की स्थिति का मुआयना किया।
कार्रवाई के दौरान सभावाला स्थित बालाजी मेडिकोज में फार्मासिस्ट व संचालक दोनों नदारद मिले, जबकि खराब फ्रिज में रखी अधिकांश दवाएं एक्सपायरी पाई गईं। वहीं पर्व मेडिकल स्टोर में 6 महीने पुरानी एक्सपायरी दवाएं मिलीं और नशीली दवाओं का कोई रिकॉर्ड नहीं पेश किया गया। इन दोनों मेडिकल स्टोरों का संचालन तुरंत प्रभाव से रोक दिया गया।
प्रशासन की टीम ने छोटा रामपुर स्थित जनता मेडिकल स्टोर में खराब फ्रिज के भीतर रखे इंजेक्शनों को मौके पर ही नष्ट करवाया और दुकान बंद कराई। झाझरा के शंभु मेडिकल स्टोर में पाई गई कमियां दूर होने तक बिक्री पर रोक लगा दी गई है। सुद्धोवाला के हेल्थ केयर फार्मेसी में फ्रिज बंद मिला, सीसीटीवी गायब था और संचालक अनुपस्थित पाए गए, जिसके बाद इसे भी बंद करवा दिया गया।
पूरे अभियान में केवल बड़ा रामपुर स्थित ‘ग्लोबल फार्मा डिस्ट्रीब्यूटर्स’ में ही सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त पाई गईं। सचिव सीमा डुंगराकोटी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जिन मेडिकल स्टोरों पर अनियमितताएं मिली हैं, उनसे जवाब मांगा जाएगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। उन्होंने साफ किया कि आम जनता की सेहत और जीवन से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ यह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

