उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर एक युवती की बेरहमी से हत्या करने का एक खौफनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस की स्लीपर बोगी (एस-1) में रविवार सुबह लावारिस हालत में मिले एक बक्से और बैग से 25 से 30 वर्ष की एक अज्ञात युवती का छह टुकड़ों में कटा हुआ शव बरामद किया गया है।
हत्यारों ने इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद युवती के धड़ को एक बक्से में बंद कर दिया और उसके हाथ-पैर को पॉलिथीन में पैक करके एक बैग में रखकर ट्रेन में ही छोड़ दिया, जबकि मृतका का सिर अभी भी गायब है। इस भयावह घटना की सूचना मिलते ही राजकीय रेलवे पुलिस, स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीमों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मृतका की शिनाख्त करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
खून के धब्बे छिपाने के लिए की गई शातिराना पैकेजिंग
हत्याकांड को अंजाम देने वाले अपराधियों ने साक्ष्यों को छिपाने और सहयात्रियों को भनक न लगने देने के लिए बेहद शातिराना तरीका अपनाया था। युवती के अंगों को किसी बेहद धारदार हथियार या इलेक्ट्रॉनिक कटर से काटने के बाद उन्हें इस तरह से प्लास्टिक और बैग में पैक किया गया था कि खून का एक भी धब्बा बाहर न आ सके और किसी को शक न हो।
मौके पर पहुंचे एसीपी रेलवे रोहित मिश्र ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल फॉरेंसिक टीम बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए हैं और इस पूरे हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस की तीन विशेष टीमों का गठन कर जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
पैसेंजर चार्ट के जरिए कातिलों की तलाश तेज
रेलवे पुलिस कातिलों का सुराग लगाने के लिए तकनीक और यात्रा डेटा का व्यापक सहारा ले रही है। छपरा से चलकर लखनऊ के गोमतीनगर पहुंचने वाली यह ट्रेन अपने सफर के दौरान कुल 20 अलग-अलग स्टेशनों से होकर गुजरती है और करीब 12 घंटे का समय लेती है।
पुलिस प्रशासन ने इन सभी 20 रूट स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने का फैसला किया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि संदिग्ध बक्सा और बैग लेकर कोच एस-1 में कौन सवार हुआ था। इसके साथ ही, उस स्लीपर बोगी में आरक्षित टिकट पर यात्रा करने वाले सभी यात्रियों का पूरा ब्योरा और चार्ट भी खंगाला जा रहा है ताकि संदिग्धों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

