ठेका नहीं, आतंक का अड्डा” — सेलाकुई में देसी शराब कारोबारी के खिलाफ प्रदर्शन, कर्मचारियों ने की ठेका बंद कराने की मांग….

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देहरादून: राजधानी देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र में स्थित सरकारी देसी शराब की दुकान अब स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के भारी विरोध का केंद्र बन गई है। बीते रोज एक सफाई कर्मचारी के साथ हुई कथित मारपीट के बाद मामला और ज्यादा गरमा गया। घटना से नाराज सफाई कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने सोमवार को शराब की दुकान के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और विरोध स्वरूप दुकान के सामने कूड़ा डालकर अपना आक्रोश जताया।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि शराब के ठेके पर रोजाना असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। यहां आने वाले लोग खुलेआम गाली-गलौज करते हैं, जिससे आसपास का माहौल पूरी तरह खराब हो चुका है। स्थानीय महिलाओं और स्कूली छात्राओं को इस रास्ते से गुजरने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि शाम होते ही क्षेत्र का वातावरण भय और असुरक्षा में बदल जाता है।
सफाई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि बीते रोज ठेके से जुड़े लोगों द्वारा एक कर्मचारी के साथ मारपीट की गई, जिसके बाद कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने शराब ठेका संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार प्रशासन और आबकारी विभाग को इस ठेके को लेकर शिकायतें दी थीं, लेकिन हर बार मामले को नजरअंदाज कर दिया गया। आरोप है कि राजस्व के नाम पर आबादी के बीच चल रहे इस शराब ठेके ने पूरे इलाके का माहौल बिगाड़ दिया है। लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर क्यों रिहायशी इलाके और सार्वजनिक आवाजाही वाले स्थान पर ऐसा विवादित ठेका संचालित किया जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने भी खुलकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि शराब के नशे में धुत लोग अक्सर सड़क पर हंगामा करते हैं और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं। इससे परिवारों और बच्चों पर भी गलत असर पड़ रहा है। कई महिलाओं ने साफ कहा कि अब क्षेत्र में शराब का यह ठेका किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस पूरे मामले ने अब प्रशासन की भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हाल ही में जिम्मेदारी संभालने वाले देहरादून जिलाधिकारी के सामने यह पहला बड़ा स्थानीय विवाद माना जा रहा है, जहां जनता सीधे शराब के ठेके को बंद करने की मांग पर उतर आई है। क्षेत्रीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन सवाल यही है कि क्या सरकार स्थानीय लोगों की मांग सुनते हुए विवादित शराब ठेके पर कार्रवाई करेगी या फिर यह मामला भी सिर्फ आश्वासनों तक सीमित रह जाएगा।