10 साल बाद कुख्यात गैंगस्टर चीनू पंडित की सशर्त रिहाई, छावनी में तब्दील हुआ जेल परिसर

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कुख्यात गैंगस्टर चीनू पंडित उर्फ विनीत शर्मा मंगलवार की शाम को करीब एक दशक बाद रुड़की सब-जेल से जमानत पर बाहर आ गया है। उसे एडीजे प्रथम रुड़की तथा स्पेशल जज गैंगस्टर कोर्ट हरिद्वार की ओर से सशर्त जमानत प्रदान की गई है। चीनू पंडित की रिहाई को लेकर पुलिस और खुफिया विभाग पूरी तरह सतर्क रहे और जेल परिसर के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

किसी भी अप्रिय स्थिति या संभावित गैंगवार से निपटने के लिए जेल के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस प्रशासन को डर है कि चीनू पंडित के बाहर आने से क्षेत्र में एक बार फिर आपराधिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं और पुराने गैंगवार का इतिहास दोहराया जा सकता है। वह वर्तमान में धारा 304/34 आईपीसी व आर्म्स एक्ट के तहत निरुद्ध था और जमानत के दौरान वह अपने घर पर ही रह सकता है।

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पुलिस प्रशासन द्वारा बरती गई इस अत्यधिक सतर्कता के पीछे 5 अगस्त 2014 को रुड़की सब-जेल के बाहर हुआ खूनी गैंगवार है। उस दिन चीनू पंडित हत्या के प्रयास के एक मामले में सजा पूरी कर जेल से बाहर आ रहा था, तभी पहले से घात लगाए बैठे प्रतिद्वंदी गिरोह के बदमाशों ने उस पर और उसके साथियों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी।

दिनदहाड़े हुई इस दुस्साहसिक वारदात में चीनू पंडित के तीन करीबी साथियों रमन मारवाह, तरुण त्यागी और लोकेंद्र राठी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि चीनू के भाई सहित चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस खूनी संघर्ष ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी और कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े किए थे। इसी पुरानी घटना को देखते हुए इस बार पुलिस ने अत्यधिक एहतियात बरती है, हालांकि इस दौरान कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई।

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चीनू पंडित के पुराने सहयोगियों पर पैनी नजर

चीनू पंडित की रिहाई के बाद पुलिस उसके संपर्क में आने वाले लोगों और उसके पुराने सहयोगियों पर विशेष नजर रख रही है। गैंग से जुड़े सक्रिय और निष्क्रिय दोनों तरह के सदस्यों की गतिविधियों की निगरानी शुरू कर दी गई है और मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया है ताकि किसी भी संदिग्ध हलचल की तुरंत जानकारी मिल सके।

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दरअसल, चीनू पंडित और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर सुनील राठी के बीच वर्चस्व को लेकर वर्षों पुरानी रंजिश चली आ रही है, जो कई बार खूनी संघर्ष का रूप ले चुकी है। इसके अलावा, चीनू पंडित का नाम हत्या, हत्या का प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, रंगदारी, मारपीट, फायरिंग और संगठित अपराध जैसे कई गंभीर मामलों में सामने आ चुका है।

वह मई 2016 में रुड़की के रामनगर चौक स्थित क्लासिक बार में हुए चर्चित आकाश त्यागी हत्याकांड में भी जेल गया था। एसपी देहात शेखर चंद सुयाल के अनुसार, क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद है।

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