उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लमगड़ा स्थित डोल आश्रम के श्री पीठम स्थापना महोत्सव में शिरकत की और इसे दुनिया का एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र बताया। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान 1100 कन्याओं का पूजन किया और मां राजेश्वरी की आराधना करते हुए राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा कल्याणदास की तपस्या के कारण आज यह आश्रम पूरे विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु आध्यात्मिक शांति के लिए पहुँच रहे हैं।
आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड में आध्यात्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। डोल आश्रम में स्थापित दुनिया के सबसे बड़े श्रीयंत्र का अवलोकन करते हुए उन्होंने बताया कि यहाँ आने वाले भक्तों को एक विशेष आध्यात्मिक अनुभूति होती है। आश्रम में विकसित की जा रही आधुनिक व्यवस्थाएं और सुविधाएं इसी दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम हैं।
भव्य कलश यात्रा और धार्मिक उल्लास
पीठम स्थापना महोत्सव के अवसर पर डोल आश्रम से लमगड़ा तक लगभग पांच किलोमीटर लंबी भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी नजर आईं और पूरे मार्ग में भक्तों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। इस आयोजन से पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।
जनता की समस्याएं और पारिवारिक कार्यक्रम
अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने खटीमा में आम जनता से मुलाकात की और लोगों की समस्याओं को सुनकर अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। सरकारी व्यस्तताओं के बीच उन्होंने अपने पारिवारिक कर्तव्यों को भी निभाया और सितारगंज में अपने भांजे के विवाह समारोह में शामिल होकर नवदंपति को आशीर्वाद दिया।

