उत्तराखंड में कुंभ मेला 2027 के आयोजन को लेकर शासन सक्रिय हो गया है। हाल ही में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने निर्माण कार्यों के लिए अब तक शासनादेश जारी न होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी तकनीकी आपत्तियों का निस्तारण करते हुए अगले तीन दिनों के भीतर संबंधित शासनादेश जारी कर दिए जाएं, ताकि मेले से जुड़े बुनियादी ढांचे का काम समय पर शुरू हो सके।
जमीन आवंटन और मास्टर प्लान पर जोर
मुख्य सचिव ने भूमि अधिग्रहण और आवंटन की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों और संस्थानों को आवंटित होने वाली भूमि का कार्य 30 जून तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए। साथ ही, इन सभी कार्यों को कुंभ मास्टर प्लान में शामिल करने और अस्थायी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द शुरू करने पर जोर दिया गया है।
स्वच्छता और पर्यटक सूचना केंद्रों की स्थापना
मेले के दौरान देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वच्छता की एक विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। श्रद्धालुओं को सटीक जानकारी मिल सके, इसके लिए पर्यटक सूचना केंद्रों की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा, प्रदेश की लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की जिम्मेदारी पर्यटन और संस्कृति विभाग को सौंपी गई है।
आकस्मिक यातायात और पार्किंग प्लान
कुंभ क्षेत्र में सुचारू आवागमन के लिए रेल और सड़क मार्ग का एक व्यापक यातायात प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा है कि वे न केवल सामान्य ट्रैफिक प्लान, बल्कि ‘आकस्मिक यातायात प्लान’ भी तैयार रखें। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रवेश द्वारों पर पार्किंग, खाने-पीने और शौचालय की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी जिलाधिकारियों को दिए गए हैं।

