हरिद्वार में नदी तटों पर अवैध कब्जों पर चलेगा बुल्डोजर, सरकार ने ‘फ्लड जोन सीमांकन योजना’ को दी मंजूरी

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उत्तराखंड सरकार ने हरिद्वार में नदियों के किनारे बढ़ते अतिक्रमण और अवैध कब्जों पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ी कार्ययोजना को हरी झंडी दे दी है। सरकार ने हरिद्वार में ‘फ्लड जोन के सीमांकन’ की महत्वपूर्ण योजना को मंजूरी देते हुए इसके लिए शुरुआती बजट भी जारी कर दिया है। कुल 2.10 करोड़ रुपये की इस व्यापक परियोजना के तहत फिलहाल 1.52 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे गंगा और सोलानी नदी के तटों पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सटीक सीमा निर्धारित की जाएगी।

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दरअसल, मानसून के सीजन में इन दोनों नदियों के उफान पर आने से हरिद्वार के एक बड़े हिस्से में बाढ़ जैसे गंभीर हालात बन जाते हैं। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब सरकार आधुनिक और प्रामाणिक तकनीकों का सहारा ले रही है, जिसके तहत GIS मैपिंग, सैटेलाइट डेटा और हाइड्रोलॉजिकल सर्वे के माध्यम से नदियों के डूब क्षेत्र का एक सटीक खाका तैयार किया जाएगा।

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इस वैज्ञानिक सर्वे के आधार पर फ्लड जोन से अवैध कब्जों को हटाया जाएगा और चिन्हित की गई अंतिम सीमा पर पिलर लगाने का काम किया जाएगा। अपर सचिव गरिमा रौंकली की ओर से सिंचाई विभाग को तत्काल बजट जारी करने के निर्देश दे दिए गए हैं। इस बजट में से सोलानी नदी के बाढ़ क्षेत्र के लिए 28.26 लाख रुपये और गंगा के तटों के फ्लड जोन निर्धारण के लिए 1.14 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे जल्द ही धरातल पर काम शुरू हो सकेगा।