हरियाणा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों से दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड के देहरादून तक बड़े पैमाने पर डीजल और पेट्रोल की तस्करी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस अवैध धंधे की हकीकत जानने के लिए किए गए एक 12 दिवसीय स्टिंग ऑपरेशन में यह खुलासा हुआ है कि तेल माफियाओं का नेटवर्क बेहद मजबूत है, जो अधिकारियों की नाक के नीचे 70 से 80 रुपये प्रति लीटर में अवैध और मिलावटी तेल की सप्लाई कर रहे हैं।
तस्करों का यह गिरोह प्रतिदिन एक लाख लीटर से अधिक ईंधन टैंकर्स और ड्रमों के माध्यम से शामली, बागपत, बिजनौर, बुलंदशहर, हापुड़, सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद और देहरादून जैसे प्रमुख शहरों में खपा रहा है। इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए शामली के जिलाधिकारी आलोक यादव ने संबंधित जिलों के अधिकारियों के साथ मिलकर इस गिरोह पर कड़ा शिकंजा कसने और जिला आपूर्ति विभाग को सख्त निर्देश देने की बात कही है।
प्रति लीटर 23 रुपये की बचत का गणित
हाल ही में पेट्रोल और डीजल की आधिकारिक कीमतों में हुई बढ़ोतरी का फायदा उठाकर तेल माफिया चांदी काट रहे हैं। जहां आम जनता के लिए शामली में पेट्रोल की वैध कीमत 98.64 रुपये और डीजल की कीमत 91.95 रुपये प्रति लीटर है, वहीं ये तस्कर इसे महज 72 से 80 रुपये प्रति लीटर में बेच रहे हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि माफियाओं को प्रति लीटर करीब 23 रुपये तक का मोटा मुनाफा हो रहा है, जिसके लालच में दुकानदार और कुछ पेट्रोल पंप मालिक भी इस मिलावटी खेल का हिस्सा बन रहे हैं।
तेल माफियाओं के गुर्गों का कुबूलनामा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोनीपत के बहालगढ़, शामली के कैराना और बागपत के बड़ौत में की गई पड़ताल के दौरान माफियाओं के गुर्गों ने बेखौफ होकर अपने नेटवर्क की जानकारी दी। गुर्गों ने बातचीत में स्वीकार किया कि उनकी सर्विस ‘ऑल इंडिया’ है और वे मांग के अनुसार वेस्ट यूपी, हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली के किसी भी जिले में ड्रमों के माध्यम से माल भिजवा सकते हैं। उन्होंने सैंपल के तौर पर तुरंत पेट्रोल उपलब्ध कराने का दावा भी किया और बताया कि वे दुकानदारों के साथ-साथ कुछ पेट्रोल पंप मालिकों को भी इस मिलावटी ईंधन की सप्लाई कर रहे हैं।
वाहनों को हो रहा है भारी नुकसान
ऑटो विशेषज्ञों और कार मैकेनिकों के अनुसार इस तस्करी वाले मिलावटी तेल का इस्तेमाल वाहनों के लिए बेहद जानलेवा साबित हो रहा है। इसके प्रयोग से गाड़ी की स्वाभाविक आवाज बदल जाती है, वाल्व कट जाते हैं, और इंजन से अत्यधिक मात्रा में जहरीला व काला धुआँ निकलने लगता है। इसके साथ ही वाहन का माइलेज बुरी तरह गिर जाता है, गाड़ी चलते-चलते अचानक रुकने लगती है और सबसे बड़ा खतरा यह रहता है कि इसके रिंग-पिस्टन खराब होने से गाड़ी का पूरा इंजन सीज हो सकता है।

