उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में अब प्रोटोकॉल के तहत आने वाले वीआईपी अतिथियों से दर्शन के लिए प्रति व्यक्ति 1100 रुपये का शुल्क लिया जाएगा। चारधाम यात्रा के चरम पर होने के कारण दोनों धामों में तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिसके चलते विभिन्न राज्यों से आने वाले वीआईपी अतिथि सिफारिशें लेकर सीधे मंदिर परिसर के गेट नंबर दो पर पहुंच रहे थे।
इस वजह से परिसर में अत्यधिक भीड़ बढ़ने और अव्यवस्था फैलने की स्थिति पैदा हो रही थी। इसी समस्या को देखते हुए बद्री-केदार मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने वीआईपी दर्शन के लिए यह नया आदेश जारी किया है, ताकि मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को सुचारू और नियंत्रित किया जा सके।
सुगम दर्शन के लिए SOP में बदलाव
मंदिर समिति ने आम भक्तों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए अपनी SOP में महत्वपूर्ण संशोधन किया है, जिसके तहत सामान्य श्रद्धालुओं के सुगम और आसान दर्शन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के अनुसार, प्रोटोकॉल के तहत आने वाले अतिथियों के दर्शन में एक पारदर्शी व्यवस्था बनाने और लाइन में लगने वाले आम श्रद्धालुओं को कम से कम समय में दर्शन कराने के मकसद से ही इस सहयोग राशि को लेने का निर्णय लिया गया है।
इस नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए समिति ने मंदिर परिसर में स्थित प्रोटोकॉल कार्यालय को नीलकंठ विश्राम गृह में स्थानांतरित कर दिया है, जहां प्रदेश सरकार से प्राप्त प्रोटोकॉल सूचना के आधार पर दर्शन के लिए पर्ची जारी की जाएगी और तय सहयोग राशि ली जाएगी।

