राज्य अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास निगम (सिडकुल) के आईटी पार्क स्थित मुख्यालय में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ वर्ष 2004 की नियुक्तियों और संविदा भर्तियों से संबंधित अति-महत्वपूर्ण फाइलें गायब हो गई हैं। इस घटना ने विभाग के भीतर हड़कंप मचा दिया है क्योंकि आशंका जताई जा रही है कि भर्ती प्रक्रिया में हुई किसी बड़ी धांधली या गड़बड़ी को छिपाने के इरादे से इन दस्तावेजों को जानबूझकर गायब किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिडकुल प्रबंधन ने तत्काल कदम उठाते हुए राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया है। पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर लिया है और गायब हुई फाइलों की तलाश के साथ-साथ इस साजिश के पीछे के दोषियों का पता लगाने में जुट गई है।
दस्तावेजों को नष्ट करने की साजिश
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब सिडकुल मुख्यालय में तैनात एचआर प्रबंधक करन सिंह नेगी की टीम बीते 8 मई को वर्ष 2004 में हुई कुछ अहम नियुक्तियों के दस्तावेजों की जांच कर रही थी। छानबीन के दौरान पता चला कि सहायक प्रबंधक (लेखा) और सहायक प्रबंधक (एचआर) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर हुई संविदा और नियमित भर्ती से जुड़ी मुख्य फाइलें रिकॉर्ड से नदारद हैं। एचआर मैनेजर ने अपनी तहरीर में स्पष्ट रूप से अंदेशा जताया है कि किसी ने अपने निजी स्वार्थ या पिछली अनियमितताओं पर पर्दा डालने के लिए इन 22 साल पुराने भर्ती दस्तावेजों को जानबूझकर नष्ट कर दिया है या खुर्द-बुर्द कर दिया है। फिलहाल पुलिस थानाध्यक्ष पीडी भट्ट के नेतृत्व में इस रहस्यमयी चोरी की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।

