उत्तराखंड के डोईवाला में पुलिस ने एक ऐसे अनोखे और शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसका नेतृत्व महाराष्ट्र की एक 76 वर्षीय बुजुर्ग महिला कर रही थी। विमला नाम की यह महिला अपने गिरोह के साथ मिलकर बड़े ही सलीके से ज्वेलरी शोरूम को अपना निशाना बनाती थी। इनका काम करने का तरीका किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था, जहाँ वे बिना किसी हथियार या नकाब के, केवल अपनी उम्र और बातों के जाल में दुकानदारों को फंसाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। हाल ही में इस गैंग ने डोईवाला के एक प्रतिष्ठित ज्वेलरी शोरूम से सोने की 6 चेन चोरी की थीं, जिसकी कीमत लगभग 7 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और हर्रावाला रेलवे स्टेशन से गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया, जिनके पास से चोरी का सारा सामान बरामद कर लिया गया है।
चोरी करने का अनोखा तरीका
इस गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद सरल लेकिन अत्यंत प्रभावशाली थी। गिरोह की मुख्य सरगना, 76 वर्षीय विमला, एक संभ्रांत परिवार की वरिष्ठ नागरिक बनकर दुकान में दाखिल होती थी। उनकी उम्र का सम्मान करते हुए दुकानदार अक्सर उन पर शक नहीं करते थे। विमला जानबूझकर मोलभाव को लेकर सेल्समैन या दुकानदार को डांटती थी और इसी हंगामे के बीच गिरोह के अन्य सदस्य दुकानदार को अलग-अलग डिजाइन देखने में उलझा देते थे। जैसे ही दुकानदार का ध्यान भटकता, गिरोह के सदस्य बड़ी सफाई से कीमती गहनों पर हाथ साफ कर देते थे। उनकी इसी ‘कवच’ यानी बुजुर्ग महिला की छवि ने उन्हें अब तक कई वारदातों में पकड़े जाने से बचाए रखा था।
आरोपियों की गिरफ्तारी
डोईवाला नगर चौक स्थित सुरेंद्र कुमार कक्कड़ की दुकान में 8 मई को हुई चोरी के बाद पुलिस लगातार इस गैंग की तलाश में जुटी थी। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी वारदात को अंजाम देकर वापस महाराष्ट्र भागने की फिराक में हैं और हर्रावाला रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए स्टेशन की घेराबंदी की और महाराष्ट्र निवासी इन सभी आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि इस गिरोह ने देहरादून के अन्य सर्राफा बाजारों में भी चोरी की कोशिश की थी, लेकिन वहां के व्यापारियों की सतर्कता के कारण वे सफल नहीं हो पाए थे। फिलहाल सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

