भारतीय वॉलीबॉल के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। विश्व वॉलीबॉल महासंघ ने भारतीय वॉलीबॉल संघ की मान्यता को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। यह सख्त कदम नियमों का पालन न करने और प्रशासनिक अनियमितताओं के चलते उठाया गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब खेल के भीतर राजनीति और खराब सुविधाओं को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा था। अब भारत में वॉलीबॉल के संचालन और खिलाड़ियों के भविष्य की जिम्मेदारी एक नई गठित कमेटी के हाथों में होगी।
नियमों के उल्लंघन पर हुई बड़ी कार्रवाई
विश्व संस्था FIVB ने भारतीय वॉलीबॉल संघ पर कानूनी और प्रशासनिक नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। पिछले कुछ समय से संघ के भीतर चल रही खींचतान और पारदर्शिता की कमी के कारण यह कार्रवाई की गई है। हाल ही में अहमदाबाद में चल रहे राष्ट्रीय कैंप को राजनीति और खराब व्यवस्थाओं के चलते दो सीनियर खिलाड़ियों द्वारा छोड़ दिए जाने के बाद विवाद और गहरा गया था, जिसके बाद वैश्विक संस्था ने यह कड़ा फैसला सुनाया।
अब ‘स्टीयरिंग कमेटी’ देखेगी सारा काम
मान्यता खत्म होने के बाद अब भारत में वॉलीबॉल की गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए FIVB ने एक स्टीयरिंग कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी खिलाड़ियों के हितों की रक्षा करेगी और खेल आयोजनों की देखरेख करेगी। इस कमेटी में भारतीय ओलंपिक संघ के सदस्य रोहित राजपाल, सीईओ रघुराम अय्यर और FIVB के विशेषज्ञ स्टीव टुटॉन, स्टीफन वाक व हितेश मल्होत्रा जैसे अनुभवी लोगों को शामिल किया गया है, ताकि खेल का नुकसान न हो।

