नीट-यूजी परीक्षा में हुई भारी फजीहत और पेपर लीक से हुई किरकिरी के बाद केंद्र सरकार अब पूरी परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए इसे सैन्य सुरक्षा यानी ‘फौजी कवच’ देने की बड़ी तैयारी में है। आगामी 21 जून को दोबारा होने वाली परीक्षा के मद्देनजर सरकार किसी भी कीमत पर दूसरी चूक का जोखिम नहीं उठाना चाहती है, जिसके लिए प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स का पूरा जिम्मा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में तैयार किए जा रहे एक विशेष तंत्र को सौंपने पर विचार किया जा रहा है।
इस सिलसिले में रक्षा मंत्री के आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित हुई, जिसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह सहित पीएमओ व शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस पूरी प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं, ताकि पेपर सेटिंग से लेकर छपाई, ट्रांसपोर्टेशन, स्टोरेज और परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्रों की सुरक्षित आपूर्ति का एक ऐसा मजबूत नेटवर्क तैयार किया जा सके जिसमें किसी भी स्तर पर सेंध लगाना पूरी तरह से असंभव हो जाए।
पेपर लीक माफिया पर सर्जिकल स्ट्राइक
सरकार को अंदेशा है कि संगठित पेपर लीक माफिया प्रश्नपत्रों की पारंपरिक ढुलाई और भंडारण व्यवस्था में मौजूद कमियों का फायदा उठाते हैं, इसलिए अब सुरक्षा ढांचे को सैन्य अनुशासन और बहुस्तरीय निगरानी से जोड़ने की रणनीति बनाई गई है।
नए प्रस्तावों के तहत डाक विभाग और सामान्य नागरिक एजेंसियों पर निर्भरता कम करके सीधे रक्षा प्रतिष्ठानों और वायुसेना की मदद लेने पर गंभीरता से विचार हो रहा है, जिसके तहत प्रश्नपत्रों को प्रिंटिंग प्रेस से वितरण केंद्रों तक वायुसेना के विमानों और विशेष सुरक्षित वाहनों के माध्यम से पहुँचाया जाएगा।
इसके अलावा, प्रश्नपत्रों को अब किसी बैंक या निजी गोदामों के बजाय सीधे सैन्य सुरक्षा वाले रक्षा प्रतिष्ठानों में सुरक्षित रखा जाएगा ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति उन तक न पहुँच सके।
संवेदनशील केंद्रों पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती
इस नई और सख्त रणनीति के तहत देश भर के 50 से अधिक संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा कमान पूरी तरह से अर्धसैनिक बलों के हाथों में सौंपने की योजना है, जिनमें मुख्य रूप से सीकर, कोटा, लातूर और नासिक जैसे शहर शामिल हैं जो अक्सर पेपर माफिया के निशाने पर रहते हैं।
इसके साथ ही, इन क्षेत्रों में परीक्षा से काफी पहले ही सादे कपड़ों में जांच एजेंसियों और खुफिया विभाग के कर्मियों को तैनात कर दिया जाएगा ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर पहले से ही नज़र रखी जा सके। सरकार इस बार तकनीकी और प्रशासनिक दोनों पहलुओं का गहराई से आकलन कर रही है, ताकि रक्षा बलों की सीधी निगरानी में पूरा लॉजिस्टिक्स नेटवर्क संचालित करके देश के युवाओं के भविष्य और परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वाले माफिया तंत्र को पूरी तरह से ध्वस्त किया जा सके।

