बागेश्वर। जीआईसी भटखोला में प्रभारी प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा की हत्या की दुखद घटना के बाद बागेश्वर जिले का शिक्षा विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। स्कूलों के भीतर शिक्षकों और कर्मचारियों की आपसी खींचतान, गुटबाजी और अनुशासनहीनता की शिकायतों पर जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शिक्षा आशाराम ने सख्त रुख अपनाया है।
डीईओ ने जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के लिए आधिकारिक आदेश जारी करते हुए शैक्षणिक माहौल सुधारने और अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
प्रभारी प्रधानाचार्य को मिलेंगे पूर्णकालिक अधिकार
शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत प्रभारी प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक का दायित्व तथा अधिकार पूर्णकालिक प्रधानाचार्य के बराबर ही होगा।
विद्यालय का समस्त स्टाफ प्रभारी प्रधानाचार्य के आदेशों और निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करेगा। इसके साथ ही प्रभारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी कर्मचारियों के साथ निष्पक्ष और एक समान व्यवहार करें।
यदि किसी शिक्षक या कर्मचारी का आचरण अमर्यादित पाया जाता है, या कोई मादक पदार्थ का सेवन करके स्कूल आता है, तो उसे तुरंत लिखित चेतावनी दी जाएगी। इसके साथ ही मामले की सूचना सीधे मुख्य शिक्षा अधिकारी को भेजी जाएगी।
विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि किसी स्कूल में आपसी विवाद की सूचना पूर्व में कार्यालय को नहीं दी गई और कोई अप्रिय घटना घटती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक की होगी।
अटेंडेंस रजिस्टर पर लगेगा प्रश्नवाचक चिह्न
स्कूलों में समयबद्धता और कार्य संस्कृति सुनिश्चित करने के लिए उपस्थिति पंजिका के नियमों को सख्त कर दिया गया है। अब निर्धारित समय तक शिक्षकों की उपस्थिति, अनुपस्थिति और देरी से आने पर प्रश्नवाचक चिह्न अंकित करना अनिवार्य होगा। विभाग का मानना है कि स्टाफ के आपसी मतभेद से छात्रों की पढ़ाई और स्कूल का माहौल खराब हो रहा है, जिसे अब किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

