अमरनाथ यात्रा 2026: हर श्रद्धालु को मिलेगा RFID कार्ड, जानें पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया

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3 जुलाई से शुरू होने जा रही वार्षिक अमरनाथ यात्रा को लेकर जम्मू प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सटीक ट्रैकिंग सुनिश्चित करने के लिए इस बार लखनपुर से लेकर जम्मू तक के सभी प्रमुख ठहराव केंद्रों पर RFID कार्ड जारी करने की विशेष व्यवस्था की गई है। जम्मू के मंडलायुक्त रमेश कुमार ने अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए हैं कि 10 जून तक भगवती नगर स्थित यात्री निवास को पूरी तरह तैयार कर लिया जाए। इस बार बिना पूर्व पंजीकरण के आने वाले यात्रियों के लिए ‘करंट रजिस्ट्रेशन’ की सुविधा भी दी जाएगी, ताकि किसी भी शिवभक्त को असुविधा न हो।

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सुरक्षा के लिए RFID कार्ड अनिवार्य

यात्रा के दौरान हर श्रद्धालु की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसी को देखते हुए प्रशासन ने RFID सेंटर स्थापित करने की कार्ययोजना तैयार की है। ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले श्रद्धालुओं को भगवती नगर यात्री शिविर से प्रस्थान करने से पहले अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी, जिसके बाद उन्हें यह कार्ड जारी किया जाएगा। इससे यात्रा मार्ग पर भीड़ प्रबंधन और किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों की लोकेशन ट्रैक करने में बड़ी मदद मिलेगी।

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करंट पंजीकरण के लिए टोकन व्यवस्था

जो श्रद्धालु पहले से ऑनलाइन पंजीकरण नहीं करा पाए हैं, उनके लिए जम्मू के तवी रिवर फ्रंट पर ‘करंट पंजीकरण’ की व्यवस्था की गई है। यहाँ टोकन केंद्र स्थापित किए जाएंगे जहाँ यात्री मौके पर ही अपना पंजीकरण करा सकेंगे। मंडलायुक्त ने इन केंद्रों पर पीने के पानी, लंगर, बिजली और स्वच्छता की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं ताकि यात्रियों को लंबी कतारों में परेशान न होना पड़े।

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ठहराव केंद्रों पर मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

भगवती नगर यात्री निवास के साथ-साथ लखनपुर और अन्य प्रमुख पड़ावों पर यात्रियों के रहने और खाने-पीने के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रशासन का मुख्य फोकस इस बात पर है कि श्रद्धालु जम्मू पहुँचते ही एक व्यवस्थित प्रक्रिया का हिस्सा बनें। सुरक्षा एजेसियों और नागरिक प्रशासन के बीच समन्वय के लिए आईजीपी भीम सेन टूटी की अध्यक्षता में भी सुरक्षा मानकों की समीक्षा की गई है, ताकि यात्रा निर्बाध और सुरक्षित रूप से संपन्न हो सके।

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