देहरादून के पॉश इलाके जाखन में हुए बहुचर्चित रियल एस्टेट कारोबारी अजय भटेजा हत्याकांड में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जिसके तहत हत्या की साजिश रचने वाले और 50 हजार रुपये के इनामी सौतेले भाई अमित भटेजा को पुलिस ने शुक्रवार सुबह दून जिला न्यायालय के बाहर से धरदबोचा।
आरोपी अमित भटेजा चोरी-छिपे सरेंडर करने के इरादे से अपने वकील से मिलने कोर्ट पहुंचा था, लेकिन राजपुर थानाध्यक्ष पी.डी. भट्ट और उनकी टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे कचहरी परिसर के बाहर ही दबोच लिया।
गिरफ्तारी के समय पुलिस को आरोपी के पास मौजूद बैग की तलाशी के दौरान संपत्तियों और गाड़ियों के कई अत्यंत महत्वपूर्ण व गोपनीय दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिन्हें कब्जे में लेकर पुलिस ने गहनता से जांच शुरू कर दी है।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने दोपहर को प्रेस वार्ता कर इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि पिछले वर्ष 25 मई को जाखन स्थित कृष्णा विहार में रियल एस्टेट कारोबारी अजय भटेजा की उनके ही घर में तकिये से मुंह दबाकर निर्मम हत्या कर दी गई थी।
लगभग एक साल तक इस मामले की जांच ठंडी रहने के बाद, पिछले महीने पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के शूटर राजन उर्फ जैकी और उसकी प्रेमिका हुमेरा उर्फ जोया को गिरफ्तार किया। इन दोनों से हुई कड़ाई से पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि अजय भटेजा की हत्या की पूरी साजिश सहारनपुर के कुतुबशेर निवासी उसके सौतेले भाई अमित भटेजा ने करोड़ों रुपये की संपत्ति हड़पने के लालच में रची थी।
पुलिस जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई कि मृतक अजय भटेजा के पास देहरादून और मसूरी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कई बहुमूल्य संपत्तियां थीं। अजय कथित तौर पर अत्यधिक शराब पीने का आदी था और ऐशो-आराम में बड़ी रकम उड़ा रहा था, लेकिन वह अपने सौतेले भाई अमित को संपत्ति में कोई हिस्सा नहीं दे रहा था।
इसी बात से खुन्नस खाकर अमित ने शूटर राजन को भाई की जाखन स्थित आधी संपत्ति देने का लालच दिया और अजय को मौत के घाट उतरवा दिया। भाई की मौत के बाद अमित ने उसके जाखन वाले घर को खाली कराकर वहां रखी प्रॉपर्टी के सारे जरूरी कागजात अपने कब्जे में ले लिए थे और वह मसूरी स्थित एक कीमती कॉटेज पर भी कब्जा करने की फिराक में था, लेकिन इससे पहले कि वह अपने मंसूबों में कामयाब होता, पुलिस ने उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

