उत्तराखंड में चल रही प्रसिद्ध चारधाम यात्रा में इस साल देश के कोने-कोने से रिकॉर्ड संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं के भारी दबाव को संभालने और उनकी यात्रा को सुगम बनाने के लिए परिवहन विभाग ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यात्रा मार्गों पर यातायात व्यवस्था को मजबूत करने और वाहनों की कमी को दूर करने के उद्देश्य से विभाग आगामी 28 मई से परिवहन निगम की 100 अतिरिक्त स्कूल बसों को सीधे यात्रा रूटों पर संचालित करने जा रहा है।
इसके साथ ही, स्थानीय सिटी बसों और कॉन्ट्रैक्ट कैरिज की बसों को भी चारधाम यात्रा के बेड़े में शामिल करने के आधिकारिक आदेश यात्रा नोडल अधिकारी द्वारा जारी कर दिए गए हैं। दरअसल, आगामी 27 मई से स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां शुरू हो रही हैं, जिसे देखते हुए परिवहन विभाग ने इन खाली होने वाली स्कूली बसों के अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है ताकि इन अतिरिक्त संसाधनों के माध्यम से दूर-दराज से आने वाले तीर्थयात्रियों को सफर के दौरान बड़ी राहत दी जा सके।
चारधाम यात्रा में हर नौवां वाहन तोड़ रहा ट्रैफिक नियम
चारधाम यात्रा के दौरान यातायात नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिससे तीर्थयात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। परिवहन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के विश्लेषण से यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यात्रा रूट पर जांचे गए कुल 56,984 वाहनों में से हर नौवां वाहन नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रहा है, जिसके चलते अब तक 6,060 गाड़ियों के चालान काटे जा चुके हैं।
इस कड़ी कार्रवाई के तहत विभाग की टीमों ने नियमों का गंभीर उल्लंघन करने वाले कुल 157 वाहनों को सीज किया है, जबकि 1,145 बसों, 1,832 मैक्सी कैब व सूमो और 2,983 टैक्सियों व छोटी कारों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई है। आरटीओ संदीप सैनी ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए प्राइवेट वाहनों का कमर्शियल उपयोग करने, क्षमता से अधिक सवारी बैठाने और जरूरी दस्तावेज न होने वाले वाहनों के खिलाफ चेकिंग और सीजिंग का यह सख्त अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
ड्यूटी से नाराज श्रीनगर बेस अस्पताल के HOD ने दिया इस्तीफा
वहीं उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के सुचारू संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा डॉक्टरों की तैनाती किए जाने के प्रशासनिक फैसलों के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां यात्रा ड्यूटी पर लगाए जाने की सूचना मिलते ही श्रीनगर बेस अस्पताल के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विक्की बख्शी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
डॉ. बख्शी काफी लंबे समय से इस अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे थे और स्थानीय मरीजों के बीच बेहद लोकप्रिय चिकित्सक माने जाते हैं, जिस वजह से अचानक उनके इस तरह सेवा छोड़ने से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर असर पड़ने की संभावना है। इस पूरे मामले पर अस्पताल के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के उद्देश्य से उच्च स्तर से प्राप्त दिशा-निर्देशों और सरकारी आदेशों के तहत ही डॉक्टरों की रोटेशन ड्यूटी यात्रा मार्गों पर लगाई जा रही है।

