चकराता वायरल ऑडियो मामला: सीएम धामी के आश्वासन से दीक्षा को मिला हौसला, कांग्रेस की ‘न्याय यात्रा’ पर उठाए सवाल

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देहरादून। चकराता से कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह और उनके परिजनों से जुड़े कथित वायरल ऑडियो प्रकरण में पीड़ित बालिका दीक्षा का हौसला बढ़ा है। बीते शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीक्षा से फोन पर सीधे बातचीत कर उसे सुरक्षा और बेफिक्र रहने का ठोस भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री के इस आश्वासन के तुरंत बाद पीड़िता और उसके परिजनों ने देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की।

मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद पीड़ित बालिका दीक्षा ने मीडिया के सामने आकर सीएम धामी का आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही उसने प्रदेश में ‘न्याय यात्रा’ निकाल रही कांग्रेस पार्टी और चकराता विधायक प्रीतम सिंह पर तीखे सवाल दागे। दीक्षा ने पूछा कि एक तरफ कांग्रेस महिलाओं के हक में न्याय यात्रा निकाल रही है, वहीं दूसरी तरफ उसके विधायक के परिजन बेटियों को धमका रहे हैं।

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पीड़ित बालिका ने संकट के समय में साथ खड़े रहने वाले स्थानीय लोगों और क्षेत्रवासियों का भी धन्यवाद किया। उसने कहा कि जनता के इस समर्थन ने दबंगई को करारा जवाब दिया है। दीक्षा ने कांग्रेस की ‘न्याय यात्रा’ को ‘हाथी के दिखाने वाले दांत’ करार देते हुए पार्टी की कथनी और करनी पर गंभीर सवाल खड़े किए।

मुख्यमंत्री धामी से बातचीत और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद पीड़ित परिवार अब बेखौफ नजर आ रहा है। पीड़िता का कहना है कि सीएम के रुख से साफ है कि राज्य में कानून का शासन सर्वोपरि है और किसी भी दबंगई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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यह पूरा विवाद विधायक प्रीतम सिंह और उनके भाइयों से जुड़े एक ऑडियो क्लिप के वायरल होने के बाद शुरू हुआ था। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही थीं। हालांकि, अब पुलिस प्रशासन और मुख्यमंत्री स्तर से मिले आश्वासन के बाद मामले में निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है।

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राजनीतिक नजरिए से भी यह घटनाक्रम कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। एक ओर जहां कांग्रेस राज्य सरकार को घेरने के लिए प्रदेशव्यापी न्याय यात्रा चला रही है, वहीं अपने ही विधायक के परिजनों पर लगे इन गंभीर आरोपों के चलते पार्टी बैकफुट पर दिखाई दे रही है।

एसएसपी से मुलाकात के दौरान पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने भी पीड़िता को पूरी सुरक्षा देने और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। प्रशासन अब इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है।