देहरादून। उत्तराखंड में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभूतपूर्व विस्तार को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा और सकारात्मक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राज्य के हित में रखे गए दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने गंभीरता से संज्ञान लिया है।
केंद्रीय मंत्री ने सीएम धामी को पत्र भेजकर सूचित किया है कि हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के तहत सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना के प्रस्तावों को विभागीय परीक्षण के लिए भेज दिया गया है।
राज्य में उच्च स्तरीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना से जुड़े प्रस्ताव की जांच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का संबंधित प्रभाग कर रहा है। मंत्रालय द्वारा इसके तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं का गहनता से आकलन किया जा रहा है।
इसी क्रम में, हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के अंतर्गत आधुनिक पैरामेडिकल कॉलेज स्थापित करने के प्रस्ताव को भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संबंधित प्रभाग को सौंपा गया है। विभागीय स्तर पर समीक्षा के बाद इस दिशा में आगे की कागजी और मैदानी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के नागरिकों को राज्य के भीतर ही विश्वस्तरीय इलाज और रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के समक्ष ये दोनों प्रस्ताव रखे थे। राज्य सरकार की इस दूरगामी पहल का सीधा लाभ प्रदेश के दूरदराज इलाकों से आने वाले मरीजों और मेडिकल छात्रों को मिलेगा।
राज्य में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनने से गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके निर्माण के बाद उत्तराखंड के मरीजों को बड़े इलाज के लिए दिल्ली या अन्य पड़ोसी राज्यों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी, जिससे उनके समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
दूसरी ओर, पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना से राज्य में ही प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ तैयार करने में मदद मिलेगी। इससे प्रदेश के सरकारी और निजी अस्पतालों को कुशल तकनीकी और सहयोगी स्टाफ आसानी से मिल सकेगा, जो राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था का मजबूत आधार बनेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार द्वारा दोनों प्रस्तावों का परीक्षण शुरू किए जाने को उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि केंद्र के सहयोग से राज्य स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नया आयाम स्थापित करेगा।

