देहरादून। उत्तराखंड में उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। कर्मचारियों के इस कदम से राजधानी देहरादून सहित पूरे प्रदेश में बस सेवाओं और कार्यशालाओं का संचालन प्रभावित हुआ है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आज परिवहन मंत्री और रोडवेज यूनियनों के प्रतिनिधियों के बीच एक महत्वपूर्ण वार्ता आयोजित की जाएगी।
कार्य बहिष्कार के प्रभाव को लेकर रोडवेज प्रबंधन और कर्मचारियों के दावों में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश महामंत्री अशोक चौधरी का कहना है कि भवाली समेत कई क्षेत्रों में पूरी तरह काम ठप है और प्रदेश भर में करीब 60 प्रतिशत बस संचालन पर बुरा असर पड़ा है।
दूसरी ओर, रोडवेज महाप्रबंधक (संचालन) क्रांति सिंह ने प्रबंधन का पक्ष रखते हुए दावा किया है कि कार्य बहिष्कार से बस संचालन और कार्यशालाओं पर केवल 10 प्रतिशत ही असर पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी रूट पर यातायात व्यवस्था ठप नहीं हुई है।
गौरतलब है कि बीती 29 तारीख को रोडवेज प्रबंधन और यूनियन के बीच वार्ता हुई थी, जिसमें समय पर वेतन भुगतान, कर्मचारियों के नियमितीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन जैसी मांगें रखी गई थीं। वार्ता में सहमति न बनने के बाद ही यूनियनों ने कार्य बहिष्कार का रास्ता चुना। फिलहाल रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने भी निगम प्रबंधन के साथ वार्ता की है।

