देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में एक नए राजनीतिक विकल्प के तौर पर ‘राज्य स्वराज पार्टी’ का औपचारिक रूप से शुभारंभ कर दिया गया है। राजधानी देहरादून में उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा की ओर से आयोजित ‘नए विकल्प का संकल्प’ नामक प्रेस वार्ता के दौरान इस नए दल के गठन का ऐलान किया गया। इस दौरान पार्टी के आधिकारिक चुनाव चिह्न ‘हीरा’ को भी लॉन्च किया गया, जिसने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
प्रेस वार्ता का मुख्य उद्देश्य जनता के सामने एक सशक्त और पारदर्शी राजनीतिक विकल्प रखना तथा प्रदेश के विकास व जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देना है। पार्टी के संस्थापकों का कहना है कि राज्य की मूल भावनाओं के अनुरूप काम करने के लिए इस नए मंच की जरूरत थी। इस महत्वपूर्ण अवसर पर पार्टी के संस्थापक सदस्य देवेश्वर भट्ट, अध्यक्ष भरत रावत, महासचिव राजेंद्र भट्ट, कोषाध्यक्ष चित्रपाल सजवान और सोशल मीडिया प्रभारी समीर सजवान प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इसका सबसे बड़ा पहलू यह रहा कि उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के तमाम सदस्यों और पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से राज्य स्वराज पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। इस संगठनात्मक एकजुटता के साथ सभी ने नए मोर्चे को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक सफर में मिलकर काम करने का संकल्प लिया है।
इस अवसर पर राज्य स्वराज पार्टी से जुड़ने वाले अन्य प्रमुख लोगों में अमित अग्रवाल, मनीष राणा, पवन हॉन्डा, संजू चमोला, विपिन पपोला, निधि पपोला, कमल, अमित क्षेत्री, पूर्व सैनिक सतेंद्र कुमार, पूर्व सैनिक घनश्याम, आशीष, गौरव, दिव्यांश असवाल, संदीप, अहसान, शुभम गौड़, दिव्यांश बिष्ट, जगत, संजय शर्मा, नैतिक, तेजस, अमित श्रीवास्तव, ललित श्रीवास्तव, पिंकू, राजेश, देवेंद्र बिष्ट, सुमित अग्रवाल, बलदेव भंडारी और हरदेव पंवार शामिल रहे।

